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अधिभार लगाने पर भड़के शराब कारोबारी, नहीं सुनी तो 15 से बंद कर देंगे शराब की दुकानें

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रुद्रपुर। शराब की दुकानें खुलने के छह दिन बाद ही शराब कारोबारी मुखर हो गए हैं। शराब का अधिभार कम करने समेत दो सूत्रीय मांग को लेकर उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा है। चेताया कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो 15 से जिले में देशी व अंग्रेजी शराब की दुकानें अनिश्चितकाल के लिए बंद कर देंगे। सोमवार को जिलाधिकारी डॉ. नीरज खैरवाल को भेजे ज्ञापन में बताया कि 19 मार्च को देशी और अंग्रेजी शराब की दुकानें लॉटरी सिस्टम के माध्यम से आवंटित की गई थी, जिसकी लाइसेंस व रिन्यूवल फीस भी जमा कर दी गई है। उनका कहना है कि जो दुकानें अप्रैल में खुलनी थीं वह लॉकडाउन के चलते चार मई को खुली हैं। जिले की सीमाएं सील होने व सभी कारोबार बंद होने से शराब की बिक्री नहीं हो पा रही है। सुबह सात बजे से शाम चार बजे तक दुकानों के खुलने से शराब बिक्री पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। उनका कहना है कि लॉकडाउन के दौरान उन्हें कोई टैक्स जमा करने के बारे में नहीं बताया गया, लेकिन अचानक से कोविड टैक्स लगाने का आदेश जारी कर दिए है जिसे दे पाने में वे असमर्थ हैं। लॉकडाउन से शादी व अन्य प्रकार के आयोजन बंद हैं तो बाहरी राज्यों के पर्यटक नहीं आ पा रहे हैं। जिससे दुकानों में बिक्री राजस्व के अनुसार नहीं हो पा रही है। शराब कारोबारियों ने पंजाब व उत्तरप्रदेश सरकार की तरह कोटा प्रणाली समाप्त करने व अधिभार कम करने की मांग की है। बताया कि 15 तक मांग पूरी नहीं होने पर दुकानों को बंद कर देंगे। ज्ञापन भेजने वालों में मनजीत सिंह अरोरा, पंकज बिष्ट, सुरेंद्र सिंह, धर्मपाल सिंह, नरेंद्र कुमार, जगवीर सिंह समेत कई के हस्ताक्षर हैं।
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