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भाई ने ही भाई को उतारा मौत के घाट

Tue, 17 May 2016 12:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
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हत्‍या - फोटो : अमर उजाला
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फुलसुंगा में मिले शव की शिनाख्त कर ली गई है। पुलिस ने दो हत्यारोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है। मृतक परमानंद कुमार गंगवार निवासी सिकलपुर बहेड़ी (बरेली) हाल निवासी कृष्णा कालोनी का रहने वाला है। भाभी के साथ जबरन अवैध संबंध बनाने के चलते बड़े भाई ने ही अपने साले के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी थी। वारदात से पर्दा उठाने में कोतवाली में तैनात कांस्टेबल नारायण सिंह बिष्ट की अहम भूमिका रही।
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बता दें कि 14 मई को बगवाड़ा फुलसुंगा रोड पर अज्ञात शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। शव को ईंट से बुरी तरह से कुचल कर शव की पहचान मिटाने की कोशिश की गई थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसे मोर्चरी भिजवा दिया था। इधर पुलिस ने मृतक की शिनाख्त करने के लिए आसपास के थाना क्षेत्रों से भी संपर्क साधा लेकिन कोई सुराग नहीं लग पाया। इधर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार वीके ने रविवार को एसआई ललित मोहन जोशी की अगुवाई में एक टीम का गठन किया। जिसके बाद टीम साक्ष्य जुटाने में जुट गई। सोमवार सुबह हत्यारोपियों का सुराग लगते ही पुलिस ने उनसे पूछताछ शुरू कर दी। 

पहले तो हत्यारोपी वारदात से इंकार करते रहे, लेकिन सख्ती करने के बाद वह टूट गए और वारदात में अपना हाथ होना कबूल कर लिया। दोनों ने युवक की शिनाख्त परमानंद कुमार गंगवार उर्फ प्रवेश गंगवार के रूप में की। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने हत्या का जुर्म कबूल लिया। एएसपी पंकज भट्ट ने बताया कि मृतक के भाई राम अवतार ने कबूला है कि परमानंद उसकी पत्नी को परेशान करता था। आए दिन वह उसके साथ अश्लील हरकतें करता था जिस कारण से उन्होंने परमानंद को कमरे से निकाल दिया था। 
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एएसपी भट्ट ने बताया कि मृतक परमानंद, उसकेभाई राम अवतार और राकेश पुत्र बुधसेन गंगवार निवासी अंबरपुर बहेड़ी ने 14 मई की रात को खूब शराब पी थी और इसके बाद वह राम अवतार की बाइक संख्या यूके06वी-7992 से बगवाड़ा रोड की ओर आ गए। बगवाड़ा से काफी अंदर आने बाद दोनों ने बाइक रोकी और राकेश ने परमानंद का गला दबा दिया। इस बीच राम अवतार ने ईट से परमानंद के सिर और चेहरे पर वार करना शुरू कर दिया जिससे उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों मौके से फरार हो गए। इधर सोमवार को मृतक की शिनाख्त करने के दौरान दोनों आरोपी दबोच लिए गए।

बजाज की वेंडर कंपनी में करता था काम
मृतक बजाज की वेंडर कंपनी औरंगाबाद में बतौर श्रमिक काम करता था। परमानंद लगभग सात माह पूर्व अपने भाई के साथ कृष्णा कालोनी आकर रहने लगा। बताया जा रहा है कि इस दौरान परमानंद के अपनी भाभी से अवैध संबंध बन गए जिसकी भनक राम अवतार को हो गई। कई बार दोनों के बीच झगड़ा भी हुआ था। 

इस बीच रामअवतार ने परमानंद को अपने घर से निकाल दिया। शनिवार की देर रात परमानंद, रामअवतार और राकेश ने घर पर खूब शराब पी थी। इसके बाद दोनों परमानंद को घुमाने के बहाने बगवाड़ा फुलसुंगा रोड की ओर ले आए जहां उन्होंने वारदात को अंजाम दे डाला।

पहले पहचानने से कर दिया था इंकार
मृतक की शिनाख्त करने मोर्चरी पहुंचे राकेश और राम अवतार ने परमानंद को पहचानने से इंकार कर दिया था। इसके बाद मौके पर पहुंचे एसआई ललित मोहन जोशी ने दोनों से सख्ती से पूछताछ की। इसके बाद वह दोनों को बजाज की वेंडर कंपनी ले गए और मृतक के बाबत पूरी जानकारी हासिल की। एसआई द्वारा तमाम साक्ष्य जुटाने के बाद जब दोनों पर कड़ाई की गई तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

कप्तान ने एक साथ किए कई खुलासे
एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने जहां चार्ज संभालते ही यूएस नगर में अपराध को एक चुनौती के तौर पर लिया वहीं उस पर गंभीरता से काम करना भी शुरू कर दिया। इसका पहला परिणाम यह है कि जहां 24 घंटे के भीतर एसएसपी वीके ने ब्लाइंड मर्डर केस से पर्दा उठाकर हत्यारोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया वहीं 20 दिन पूर्व सिडकुल की एक फैक्ट्री के गार्ड को गोली मारने के दो आरोपियों को भी गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। 

उधर सितारगंज क्षेत्र में ट्रैक्टर-ट्राली लूट को भी चंद घंटों में पुलिस ने सुलझा लिया। नए कप्तान का वारदातों से पर्दा उठाने का अंदाज भी कुछ हटकर है। जहां इससे पहले घटनाओं के खुलासे के लिए मीडिया में चर्चित होने की परंपरा थी वहीं नए पुलिस कप्तान अपराधिक घटनाओं के खुलासे को अपनी नियमित कार्यशैली में मानते हैं। 
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