सात दिन से लापता नौगवांठग्गू निवासी जनजाति के किसान राज किशोर राणा का शव जिन परिस्थितियों में मिला वह भले ही मृतक के साथ किसी अनहोनी की ओर इशारा कर रही हों, लेकिन पुलिस इसे सबूतों व चिकित्सकों के बयानों के आधार पर आत्महत्या का मामला मान रही है।
गांव के नजदीक ही बहने वाले लोहिया नाला बरसात के समय भले ही जानलेवा साबित होता हो लेकिन वर्तमान में इस नाले में इतना पानी नहीं है कि इसमें डूबकर किसी की मौत हो जाए। गांव के लोग इस नाले में पशुओं को लेकर जाते हैं। ग्रामीण बताते हैं कि वहां मंगलवार की शाम तक इस नाले में शव नहीं था नाले में इतना पानी भी नहीं है कि उसमें कोई शव बहकर किनारे आ सके लेकिन पुलिस का इस मौत को आत्महत्या मानना गांव के लोगों के गले नहीं उतर रहा है।
मृतक के कुछ अंग गायब थे। कपड़े चप्पल भी नहीं थे, मोबाइल बैटरी और सिम अलग निकालकर पन्नी में लपेटकर रखे मिले। यह सारे घटनाक्रम राजकिशोर के साथ अनहोनी की ओर इशारा कर रहे हैं। लेकिन पुलिस इस पूरे मामले को आत्महत्या का मान रही है। सीओ राजेश भट्ट का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट स्पष्ट नहीं है। परिस्थितिजन्य साक्ष्य और चिकित्सक के बयान मृतक द्वारा आत्महत्या की ओर इंगित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौत का कारण स्पष्ट करने के लिए शव का विसरा सुरक्षित रखा गया है। इस मामले की विवेचना कर रहे एसआई दिनेश बल्लभ का कहना है कि फिलहाल दोनों नामजद आरोपियों को धारा 306 व एससी-एसटी एक्ट में जेल भेजे गए हैं लेकिन यदि जांच में हत्या का मामला प्रकाश में आया तो धाराओं को 302 में तरमीम किया जाएगा।