दस वर्षीय लड़की को बंधक बनाकर उसके साथ दुराचार के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को उम्रकैद और पचास हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भी होगा। कोर्ट की यह सजा आरोपी को जीवित रहने तक भुगतनी होगी।
13 अप्रैल 2015 की रात को आरोपी आनंद बाला पुत्र निखिल बाला ग्राम गबिया जिला पीलीभीत हाल निवासी ट्रांजिट कैंप पड़ोस में रहने वाली दस वर्षीय बालिका को बहला फुसलाकर अपने कमरे में ले गया। कमरे में उसने किशोरी को बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। रात में किशोरी घर पर न पाकर परिजन हैरान हो गए उन्होंने मोहल्ले वालों की मदद से किशोरी को खोजने की कोशिश की।
आखिरी बार पड़ोसी किराएदार के ही कमरे में किशोरी को जाते देखे जाने के शक में परिजनों और लोगों ने घर में दबिश दी तो बंधक किशोरी बदहवास हालत में मिली। इसके बाद मामला पुलिस में दिया गया वहीं आरोपी मौके से फरार हो गया। युवती का मेडिकल कराने पर उसके साथ दुराचार की पुष्टि हुई। पुलिस की ओर से चार्जशीट दाखिल होने पर आरोपी ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
यह मामला एफटीसी नीलम रात्रा की अदालत में चला। कोर्ट ने आरोपी को धारा 376 (2) उम्रकैद, पचास हजार जुर्माना वहीं धारा 366 में दस वर्ष का कठोर कारावास और बीस हजार रुपये जुर्माना, धारा 342 में एक वर्ष की कठोर सजा सुनाई। इस मामले में एडीजीसी पाक्सो उमेश नाथ पांडे और अर्चना पीयूष पंत ने सात गवाह पेश किए। इसके बाद आरोपी को दोषी करार देते हुए कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई।