रुद्रपुर। हर साल तेज रफ्तार और गलत दिशा में वाहन चलाने से हादसे होते हैं लेकिन चालान करने के बाद भी तेज रफ्तार और गलत दिशा में वाहन चलाने पर पूरी तरह रोक नहीं लग पा रही है। यहां हर माह गलत दिशा में वाहन चलाने के करीब 100 मामले सामने आ रहे हैं। मोटर यान अधिनियम के तहत गलत दिशा में वाहन चलाने पर 500 रुपये से 5000 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। तीन महीने की सजा भी हो सकती है।
सिटी पेट्रोल यूनिट (सीपीयू) ने बीते वर्ष गलत दिशा में वाहन चलाने के 1184 मामले पकड़े। 2025 में सीपीयू की पकड़ में तेज रफ्तार के 687 मामले आए। सीपीयू ने बीते वर्ष ओवरलोडिंग के 58, ओवर हाइट के 79 मामले पकड़े थे।
शराब पीकर वाहन चलाने के 43 मामले
सीपीयू ने बीते साल शराब पीकर वाहन चलाने के भी 43 मामले पकड़े। सीपीयू ने शराब पीकर वाहन चलाने के साथ ही अन्य गंभीर अनियमितताओं पर 285 चालकों का छह महीने के लिए लाइसेंस निलंबित कराए।
हेलमेट न पहनने के सबसे अधिक मामले
दोपहिया वाहन में हेलमेट न पहनने के सबसे अधिक मामले सामने आ रहे हैं। सीपीयू ने बीते साल हेलमेट न पहनने के 3898 मामले पकड़े। अब भी हर दिन हेलमेट न पहनने के मामले पकड़े जा रहे हैं।
वर्जन
नियमों के उल्लंघन पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाने, बगैर हेलमेट वाहन चलाने, ओवरलोडिंग पर विशेष नजर रखी जा रही है।
-गोधन सिंह, सीपीयू प्रभारी रुद्रपुर