गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के कालेज ऑफ एग्रीकल्चर की दो प्रयोगशालाओं में शुक्रवार की सुबह अचानक आग लग गई। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक लाखों की संपत्ति जलकर राख हो गई। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।
एजी कालेज के ऊपरी तल पर वेजिटेबिल साइंस की गैलरी में विभागाध्यक्ष डा.मनोज राघव की न्यूट्रीशन लैब है। इसके बराबर में ही वैज्ञानिक डा. डीके सिंह की बायोटेक्नॉलॉजी लैब है। दोनों प्रयोगशालाओं में एमएससी और पीएचडी के विद्यार्थी शोध कार्य करते हैं। शुक्रवार की सुबह नौ बजे कालेज ऑफ एग्रीकल्चर के माली जावेद ने कालेज बिल्डिंग के पिछले हिस्से से धुआं उठते देखा।
उसने तुरंत कालेज के सुरक्षा गार्ड सुनील को सूचित किया। सुनील ने सुरक्षाधिकारी अरुण चैधरी और कालेज के कर्मचारी विनोद दास को सूचना दी। सूचना मिलते ही आनन-फानन में कालेज के वरिष्ठ अधिकारी और कई कर्मचारी कालेज की तरफ दौड़ पड़े। यूनिवर्सिटी फार्म के वाटर टैंक, फायर स्टेशन रुद्रपुर, टाटा मोटर्स और एयरपोर्ट से तीन दमकल वाहन भी घटनास्थल पर पहुंच गए।
फायर एवं सुरक्षा कर्मियों को आग बुझाने में भारी मशक्कत का सामना करना पड़ा। प्रयोगशालाएं भवन के मध्य स्थित होने के कारण दमकल कर्मियों को पाइप घटनास्थल तक पहुंचाने में मशक्कत करनी पड़ी। सुरक्षा कर्मियों ने सीढ़ी के सहारे कालेज के दूसरे तल पर स्थित प्रयोगशालाओं के पिछले हिस्से की खिड़कियों को तोड़कर पानी के पाइप अंदर पहुंचाने के रास्ते बनाए। करीब एक घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक प्रयोगशालाओं में रखे शोध संबंधी उपकरण, कंप्यूटर, कार्यालय के कागजात, शोधपत्र और अन्य सामान आग की भेंट चढ़ गए। वहां रखे रसायन भी आग में नष्ट हो गए।
प्रथमदृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया है।
वैज्ञानिकों ने बताया कि प्रयोगशालाओं में फ्रिज में रसायन एवं अन्य शोध सामग्री रखी होती है। इसलिए प्लग दिनरात ऑन रहते हैं। अधिक वोल्टेज आने या बिजली की लाइनों में फाल्ट आने से आग लगने की संभावना प्रतीत होती है। सब्जी विज्ञान विभाग के कार्यवाहक अध्यक्ष डा.वाईवी सिंह ने बताया आग लगने के वास्तविक कारण जांच के बाद ही पता चलेंगे।
दो सुरक्षा कर्मी धुएं से बीमार
पंतनगर। आग से प्रयोगशालाओं एवं गैलरी में फैले धुएं के कारण आग बुझाने में लगे दो सुरक्षा कर्मियों श्रीराम और मुख्तार की हालत बिगड़ गई। दोनों कर्मचारियों को सुरक्षा विभाग की टीम तुरंत यूनिवर्सिटी अस्पताल ले गई। सुरक्षाधिकारी अरुण चैधरी ने बताया दोनों गार्ड खतरे से बाहर हैं। उपचार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।