खेतों में काम करने के लिए नहीं मिल रहे मजदूर
काशीपुर में गर्मी के कारण खेती किसानी प्रभावित हो रही है। लगातार बढ़ रहे तापमान के कारण लीची और आम समेत कई तरह के फलों की फसल बुरी तरह प्रभावित नजर आ रही है। बृहस्पतिवार को तेज गर्मी के कारण अधिकतर किसान और मजदूर खेतों में काम करने नहीं गए। शहर में छोटी-छोटी दुकानें लगाकर कामकाज करने वाले लघु व्यापारी भी कम ही नजर आए। उत्तराखंड किसान विकास क्लब के प्रदेश अध्यक्ष अरुण कुमार शर्मा ने बताया कि इन दिनों खेती के कामों के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं। पशुओं की देखभाल के लिए भी मजदूर नहीं मिल रहे हें। इससे पशुपालन का कारोबार भी गर्मी की भेंट चढ़ रहा है।
दोपहर में लगा जाम, प्रचंड गर्मी में बिलबिलाए लोग
रुद्रपुर में चिलचिलाती धूप में बृहस्पतिवार की दोपहर लगभग साढ़े 12 बजे डीडी चौक पर जाम लग गया। चौक के चारों तरफ वाहनों की कतार लग गई। इस दौरान करीब 41 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच फंसे लोग गर्मी से बिलबिला उठे। लगभग 15-20 मिनट तक जाम लगा रहा। बाद में ट्रैफिक पुलिस ने जाम खुलवाया।
अब तक का सर्वाधिक तापमान-
42.0 डिग्री - 22 मई 2011
42.0 डिग्री - 23 मई 2014
42.5 डिग्री - 25 मई 2014
42.6 डिग्री - 30 मई 2024
खटीमा में 41.5 डिग्री सेल्सियस पहुंचा तापमान
खटीमा क्षेत्र खटीमा में बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। रिकॉर्ड तापमान के चलते भीषण गर्मी से लोग परेशान रहे। दोपहर के समय गर्मी चरम पर रही। लोग पसीने से तरबतर नजर आए। भीषण गर्मी के बीच बार-बार बिजली कटौती से जनजीवन प्रभावित रहा। राजकीय थारू इंटर कॉलेज स्थित मौसम वैधशाला के प्रभारी नरेंद्र रौतेला ने बताया कि बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा।
गर्मी में फंगल इंफेक्शन के बढ़ने लगे मरीज
काशीपुर में गर्मी में पसीने के कारण फंगल इंफेक्शन के मामले बढ़ रहे हैं। जीडीएमओ डॉ. अमरजीत सिंह साहनी ने बताया कि ओपीडी करीब 125 हो रही है। इनमें से 25 मरीज फंगस या खुजली के आ रहे हैं। गर्मी में व्यक्ति को नियमित स्नान कर कपड़े बदलने चाहिए। नहाकर पुराने कपड़े नहीं पहनने चाहिए। पसीना चिपकने से खुजली होने लगती है। लापरवाही बरतने पर फंगल इंफेक्शन की समस्या बढ़ सकती है। सर्जन डॉ. एचसी पंत ने बताया कि करीब 80 मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं। इनमें से 20 मरीज खुजली के आ रहे हैं। सामान्य दिनों में करीब आठ मरीज आते थे। लेकिन गर्मी बढ़ने के कारण इस बीमारी के मरीज भी बढ़ने लगी है। अस्पताल में दवाइयां एवं व्यवस्था पर्याप्त है। बताते हैं कि फंगस को शरीर में फैलने के लिए नमी की आवश्यकता होती है। गर्मी में शरीर के कई हिस्सों में पसीना आता है और नमी बनती है। ऐसी जगह पर फंगस फैलने की संभावना अधिक बन जाती है।