स्थानीय प्रशासन ने उत्तराखंड के साथ-साथ यूपी की मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने वाले 22 लोगों को चिन्हित कर लिया है। प्रशासन ने इनको नोटिस भेजकर अपना नाम एक ही जगह की मतदाता सूची में रखवाने को कहा है। इस तरह के अन्य लोगों को भी चिन्हित किया जा रहा है।
विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज होते ही प्रशासन भी चुनाव की तैयारियों में जुट गया है। 14 दिसंबर को आयुक्त ने स्थानीय और जिले से सटे यूपी के क्षेत्रों के अफसरों के साथ बैठक की थी, जिसमें यूपी और उत्तराखंड दोनों जगहों पर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने वाले मतदाताओं के बारे में चर्चा हुई थी। बैठक में तय हुआ था कि तहसील की मतदाता सूची को खंगालकर ऐसे लोगों को चिन्हित किया जाएगा।
एक जगह की सूची से इनके नाम हटाए जाएंगे। एसडीएम दयानंद सरस्वती ने बताया कि मतदाता सूची की जांच में 22 ऐसे लोग चिन्हित हुए हैं, जिनमें नाम रामपुर की स्वार तहसील और मुरादाबाद की ठाकुरद्वारा तहसील की मतदाता सूची में भी दर्ज हैं। इनमें से ज्यादातर लोग वे हैं, जिनके खेत या घर सीमा पार यूपी में भी हैं। इन लोगों को नोटिस भेजकर एक जगह की मतदाता सूची से अपना नाम हटवाने को कहा गया है। अगर नोटिस के बाद भी इन्होंने नाम नहीं कटवाया तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि बुधवार को ठाकुरद्वारा, स्वार के एसडीएम, तहसीलदार और बीएलएओ के साथ बैठक प्रस्तावित है।
स्थानीय प्रशासन ने उत्तराखंड और यूपी राज्यों में मतदाता बने लोगों का सत्यापन के लिए सर्वे शुरू कर दिया है। इसके अंतर्गत उपजिलाधिकारी विनोद कुमार ने पीलीभीत के एसडीएम के साथ राज्य सीमा से सटे गांवों का सर्वे किया। एसडीएम ने बताया कि जिन मतदाताओं के नाम दोनों प्रदेशों की मतदाता सूची में दर्ज हैं इनका एक जगह की मतदाता सूची से अपना नाम हटाए जाएंगे। इन मतदाताओं को चिन्हित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत सीमा से लगे सरकड़ा, मटिहा, देवकली, खमरिया, हल्दुआ, साबेपुर, कौंधारतन, धानचैड़ा, गोविंदपुर, मैनाझुंडी, सुंदपुर आदि गांवों में चिन्हीकरण का कार्य किया गया।