तीन महीने से वेतन नहीं मिलने से परेशान परिवहन निगम कर्मचारियों को अब सिस्टम की लापरवाही ने हैरान किया है। डिपाे में कार्यरत दो कर्मचारियों का वेतन का चेक डिपो में पहुंच तो गया लेकिन उसकी तारीख देखकर उनके होश उड़ गए। डिपो को मिला चेक 29 अगस्त 2029 की तारीख का है, जबकि वर्तमान वर्ष 2026 चल रहा है।
काशीपुर डिपो में लिपिक के पद पर कार्यरत पंकज भटनागर और दीपक जोशी को लंबे इंतजार के बाद जून माह का वेतन चेक के माध्यम से दिया गया। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि अब उनका रुका हुआ वेतन मिल जाएगा और आर्थिक परेशानियां कुछ कम होंगी, लेकिन चेक पर भविष्य की तारीख अंकित होने से मामला और उलझ गया। संकट यह है कि 2029 की तारीख वाले चेक से तीन साल पहले भुगतान कैसे हासिल किया जाएगा। भविष्य की तारीख होने के कारण कर्मचारियों के सामने अपने ही वेतन को प्राप्त करने का संकट खड़ा हो गया है। तीन माह तक वेतन नहीं मिलने से पहले ही कर्मचारी आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे थे। अब गलत तारीख वाला चेक मिलने से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
.इस तरह की लापरवाही समझ से परे
रोडवेज कर्मचारी यूनियन के मंत्री पंकज भटनागर ने बताया कि वेतन जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में इस तरह की लापरवाही समझ से परे है। विभाग को चेक जारी करने से पहले उसकी तारीख और अन्य विवरणों की जांच करनी चाहिए थी। एक मामूली सी दिखने वाली गलती ने कर्मचारियों को फिर से विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने की स्थिति में ला खड़ा किया है। कर्मचारियों की मांग है कि गलत चेक को तत्काल निरस्त कर सही तारीख का चेक जारी किया जाए।
यह गंभीर लापरवाही है, चेक जारी करने के दौरान गड़बड़ी हुई है। जल्द ही कर्मचारियों को नया चेक जारी करके वेतन दिया जाएगा। -मनोज कुमार दुर्गापाल, सहायक महाप्रबंधक वित्त, काठगोदाम