गदरपुर में प्रेस वार्ता करते पद्मश्री वैद्य बालेंदु प्रकाश।
गदरपुर। पद्मश्री वैद्य बालेंदु प्रकाश ने कहा कि मानसिक तनाव, अनियमित दिनचर्या और पर्याप्त नींद न लेने के कारण पेनक्रिएटाइटिस (अग्नाशय शोथ) तेजी से फैल रहा है। इसके देशभर में 2200 से अधिक मरीज हैं। पेनक्रिएटाइटिस के मामले में उत्तराखंड छठे स्थान पर है।
बुधवार को उन्होंने ''''ग्रंथि की गुत्थी'''' पुस्तक के विमोचन के अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में इस बीमारी के सबसे अधिक मरीज हैं। उत्तराखंड में अब तक 110 मामले दर्ज हो चुके हैं। कहा कि इस बीमारी की जानकारी पहली बार 16वीं शताब्दी में पश्चिमी देशों में मिली थी। एलोपैथी चिकित्सा इसे मुख्य रूप से शराब से जोड़ती है, लेकिन इसके स्पष्ट कारणों पर अब तक एक राय नहीं है। इस बीमारी में अचानक पेट दर्द, उल्टी, वजन घटने और अनियंत्रित ब्लड शुगर की समस्या होती है।
शोध के अनुसार दस वर्षों के भीतर 92 प्रतिशत रोगियों की मृत्यु हो जाती है। 70 के दशक में मेरठ निवासी स्वर्गीय वैद्य चंद्र प्रकाश ने आयुर्वेद के ''''गंधक जारण'''' सिद्धांत पर शोध किया और ''''अमर'''' नामक आयुर्वेदिक औषधि विकसित की। इस औषधि का अध्ययन बेंगलुरु स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान और मैसूर अनुसंधान केंद्र में किया गया। इसे प्रभावी पाया गया। कहा कि हिंदी बेल्ट में इस रोग के बारे में जानकारी की कमी को देखते हुए ''''ग्रंथि की गुत्थी'''' पुस्तक लिखी।