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यूएस नगर पुलिस के सीने में धधक रही है ज्वाला

Wed, 16 Dec 2015 12:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/ रुद्रपुर
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आंखों से आंसू निकले और होंठों पर मुस्कान, धधक रही हो ज्वाला दिल में समय बड़ा बलवान। कुछ ऐसा ही समय शनिवार की रात खराब था यूएस नगर की पुलिस के लिए, जब आधी रात में पशु तस्कर ड्यूटी पर मुस्तैद जवानों की जिंदगी के साथ मौत का खेल खेल रहे थे।
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गदरपुर थाना में तैनात हल्द्वानी निवासी कांस्टेबल बसंत बोरा और सिपाही जितेंद्र कुमार सर्द रात में अपनी ड्यूटी को पूरी मुस्तैदी के साथ निभा रहे थे, जैसे ही उन्हें पता चला कि पशु तस्करी की एक पिकप यूपी की ओर जा रही थी तो दोनों ने तस्करों को दबोचने की पूरी कोशिश की, लेकिन तस्करों के मंसूबे तो सैतान की नीयत से कुछ और ही सोचे बैठे थे, जिस तरह से पशु तस्करों ने दोनों जवानों पर गाड़ी चढ़ाई वह क्रूरता की सभी हदों को पार करती है। इसमें बसंत बोरो तो शहीद हो गए और जितेंद्र भी अभी अस्पताल में उपचाराधीन है। लेकिन यूएस नगर पुलिस का हर जवान और अधिकारी आरोपी तस्करों की गिरफ्तारी की राह देख रहा है। हर पुलिस कर्मी के दिल में अपने साथी को खोने का गहरा दर्द है।
पिछले तीन दिन से एसएसपी आफिस में तो ऐसा माहौल बना है माने परिवार का खास व्यक्ति सभी को बिलखता छोड़ गया हो। मंगलवार को भी कई पुलिस कर्मियों और महिला कांस्टेबलों से भी सिपाही बसंत बोरा के बारे में चर्चा होती रही तो हर कर्मचारी के चहरे पर एक दुखद अहसास दिखाई दे रहा था। यहां तक कि खाकी वर्दी में दो-तीन स्टार लगे दरोगाओं से बातचीत में तस्करों की गिरप्तारी को लेकर पूछा गया तो आरोपियों की करतूत पर कुछ का खून भी खोल रहा था।
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यूएस नगर पुलिस को अब सिर्फ इंतजार है उन पशु तस्करों की गिरफ्तारी जिन्होंने एक सुनियोजित ढंग से एक ऐसा अपराध किया है जो पुलिस के लिए जीवन भर का दर्द है। आजकल देखा जाए तो कड़क अंदाज में अपनी पहचान बनाने वाले एसएसपी खुराना के व्यवहार में भी काफी नरमी देखी जा रही है। उन्हें भी मानो एक सदमा सा लग गया हो। हालांकि पुलिस अधिकारियों की माने तो जल्द से जल्द उन आरोपियों तक कानून का शिकंजा चंद घंटों का ही रह गया है।
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