मृत बच्चा पैदा होने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हंगामा
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शक्तिफार्म। चतुर्थ श्रेणी कर्मी की पत्नी के प्रसव के दौरान मृत बच्चा पैदा होने पर भड़के परिजनों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच हंगामा काटा। उन्होंने अस्पताल में तैनात महिला स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए मृत बच्चे को लेकर अस्पताल गेट पर धरना देकर उन्हें हटाने की मांग की। तहसीलदार शेर सिंह ग्वाल ने कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत करवाया। सफाई कर्मियों ने स्वास्थ्य कर्मियों को न हटाने पर शहर का कूड़ा अस्पताल में फेंकने और तालाबंदी की चेतावनी दी।
वार्ड एक निवासी वीरपाल वाल्मीकि राइंका गुरुग्राम में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। वीरपाल की पत्नी गीता को प्रसव पीड़ा होने पर शनिवार दोपहर करीब 12 बजे वह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा। पहला बच्चा होने की खुशी में कई अन्य परिजन भी अस्पताल में पहुंचे थे। दो घंटे बाद करीब दो बजे अस्पताल में तैनात दो महिला स्वास्थ्य कर्मियों ने बच्चे के मृत पैदा होने की सूचना दी। इससे परिजनों की खुशियां मातम में बदल गईं।
इसका पता चलते ही अन्य सफाई कर्मी परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने अस्पताल कर्मियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। मौके पर पहुंचे नगर पंचायत अध्यक्ष सुकांत ब्रह्म, पूर्व चेयरमैन अजय जायसवाल ने भी स्वास्थ्य कर्मियों पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए एसडीएम से शिकायत की। एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार शेर सिंह ग्वाल ने अस्पताल पहुंच स्वास्थ्य कर्मियाें और हंगामा काट रहे परिजनों से वार्ता की।
हंगामे की सूचना पर कोतवाल बीएस भाकुनी भी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे थे। सफाई कर्मियों ने महिला स्वास्थ्य कर्मियाें को हटाने की मांग की। अन्यथा अस्पताल में तालाबंदी कर शहर का कूड़ा अस्पताल में जमा करने की चेतावनी दी। आरोप लगाया कि पूर्व में भी कई महिलाएं, नवजात इस प्रकार की लापरवाही का शिकार हो चुके हैं। वहीं महिला स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि घर पर प्रसव कराने में विफल होने पर परिजन गर्भवती को अस्पताल लेकर आए थे। नवजात के जन्म लेने से पहले ही मां के पेट में उसकी मौत हो चुकी थी।
सीएमओ का मोबाइल नहीं उठा
शक्तिफार्म। अस्पताल में हंगामे को देखते हुए पूर्व नगर पंचायत चेयरमैन अजय जायसवाल ने सीएमओ जेबी पांडे को घटना से अवगत कराने के लिए उनके मोबाइल फोन पर संपर्क किया। कई बार घंटी बजने के बावजूद सीएमओ ने फोन रिसीव नहीं किया। अजय जायसवाल ने सीएमओ की संवेदनहीनता की शिकायत शासन स्तर पर करने की बात कही है।