गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के हड़ताली शिक्षकों और विश्वविद्यालय प्रशासन की दूसरे दौर की वार्ता विफल रही। शिक्षकों ने देर शाम कैंडिल मार्च निकाल कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।
पंतनगर विवि शिक्षक समिति के 21 सूत्रीय मांग पत्र पर बुधवार को शुरू हुई वार्ता में हड़ताली शिक्षकों के प्रतिनिधियों ने मांग रखी कि जिन बिंदुओं पर मंगलवार को हुई वार्ता में सहमति बनी थी।
उन पर प्रशासनिक आदेश जारी किए जाएं। प्रशासनिक समिति ने कहा कि वार्ता पूरी होने के बाद ही आदेश जारी होंगे। आंदोलनकारियों ने वार्ता में मांग रखी कि प्रशासनिक दायित्व देख रहे शिक्षकों के इस्तीफे मंजूर किए जाएं।
उन्होंने खासतौर पर निदेशक विधि डॉ.आशुतोष सिंह के इस्तीफे को स्वीकार करने पर बहुत जोर दिया। प्रशासनिक समिति ने कहा कि इस्तीफे मंजूर करना उनके कार्य क्षेत्र में नहीं आते हैं। इस पर शिक्षक समिति के प्रतिनिधि वार्ता का बहिष्कार कर चले गए। बाद में उन्होंने अनंत राव हॉल में मीटिंग की।
मीटिंग के बाद गेस्ट हाउस से तराई भवन तक कैंडिल मार्च निकाला। इस मौके पर डा. अनंत राय हाल में आयोजित सभा में पंत विश्व विद्यालय शिक्षक समिति के अध्यक्ष डा.पीएन सिंह ने विवि प्रशासन पर उनकी हड़ताल को लेकर छात्रों के बीच भ्रामक प्रचार करने का आरोप लगाया।
उन्होंने छात्रों से किसी के बहकावे न आने का अपील की। कहा कि छात्रों की पठन पाठन की क्षतिपूर्ति शिक्षक कार्य बहिष्कार के बाद निष्ठा से पूर्ण करेंगे। उन्होंने कहा कि तब तक शिक्षकों की सभी मांगों पर सहमति नहीं बन जाती है और प्रबंध परिषद से पास कराने की समय सीमा तय नहीं की जाती है तब तक कार्य बहिष्कार जारी रहे।