रुद्रपुर में अपराध की दृष्टि से अतिसंवेदनशील ऊधमसिंह नगर जिले में संगठित अपराध के नेटवर्क की आहट ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। अंडरवर्ल्ड से जुड़े अपराधियों के प्रभाव की छाया अब जिले तक पहुंचती दिख रही है। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की ताजा आंतरिक सूची में लॉरेंस बिश्नोई और प्रकाश पांडे उर्फ पीपी जैसे कुख्यात नामों से जुड़े गिरोह समेत कुल सात गैंग सक्रिय पाए गए हैं।
एसटीएफ की निगरानी में जिन गिरोहों को चिन्हित किया गया है, उनमें प्रकाश पांडे उर्फ पीपी गिरोह, लॉरेंस बिश्नोई नेटवर्क, प्रवीण वाल्मीकि से जुड़ा गैंग, गंगवार गैंग, सिमरन गैंग, गगनदीप गैंग और गुरबाज गैंग शामिल हैं। एजेंसियों का मानना है कि ये गिरोह जिले में अपनी पैठ मजबूत करने की कोशिश में हैं। जिले में इन सात गिरोहों की मौजूदगी कानून व्यवस्था के लिए संभावित चुनौती बनती दिख रही है।
एसटीएफ ने इन गिरोहों की गतिविधियों पर शिकंजा कसने के लिए रणनीतिक निगरानी तंत्र सक्रिय कर दिया है। गिरोहों को चिन्हित कर उनकी गतिविधियों, संपर्कों और वित्तीय व आपराधिक नेटवर्क पर नजर रखी जा रही है। खास तौर पर सुनील राठी गैंग से जुड़े प्रवीण वाल्मीकि के जेल में होने के बावजूद उनके गिरोह की सक्रियता बढ़ना एजेंसियों के लिए गंभीर संकेत माना जा रहा है।
हालात इस ओर इशारा कर रहे हैं कि भले ही कई सरगना जेल में बंद हों लेकिन उनके नेटवर्क जमीन पर सक्रिय बने हुए हैं। अवैध वसूली, अपहरण और हत्या जैसे गंभीर अपराधों से जुड़े इन नेटवर्कों की गतिविधियां गैंगवार की आशंका को भी जन्म दे रही हैं। इसी के मद्देनजर एसटीएफ और स्थानीय पुलिस संयुक्त स्तर पर इन गिरोहों की जड़ें कमजोर करने की तैयारी में जुटी हैं।
अंडरवर्ल्ड डॉन प्रकाश पांडे उर्फ पीपी- यह गिरोह संगठित अपराध और आपराधिक नेटवर्क के लिए जाना जाता है।
गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई : यह गिरोह पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में अपनी आपराधिक गतिविधियों के लिए कुख्यात है और अब इसकी सक्रियता यूएस नगर में भी देखी जा रही है।
गैंगस्टर प्रवीण वाल्मीकि : रुड़की-हरिद्वार क्षेत्र में सक्रिय रहे कुख्यात सुनील राठी गैंग से जुड़ा यह गैंगस्टर अब अपने गिरोह के साथ यूएस नगर में अपनी पकड़ बनाने की कोशिश कर रहा है।
गंगवार गैंग : यह गिरोह भी अपनी हिंसक गतिविधियों के लिए पहचाना जाता है।
सिमरन गैंग : इस गिरोह की गतिविधियों पर भी एसटीएफ की विशेष नजर है।
गगनदीप गैंग : यह गिरोह भी जिले में अपनी अवैध पैठ बनाने की फिराक में है।
गुरबाज गैंग : एसटीएफ द्वारा पहचाने गए अन्य सक्रिय गिरोहों में शामिल है।
प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने के लिए पुलिस काम कर रही है। अपराधियों के किसी भी गिरोह को पनपने नहीं दिया जाएगा। गिरोह के आका जेल में बंद हैं। इनके गुर्गाें की लगातार निगरानी हो रही है। -डॉ. नीलेश आनंद भरणे, आईजी एसटीएफ