जसपुर। मदरसा जामिया अरबिया अहले सुन्नत बदरूल उलूम के उलेमा ने नशे के खिलाफ अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके लिए उन्होंने मुस्लिम समाज से सहयोग की अपील की है।
जामा मस्जिद के इमाम मौलाना शाने आलम और मुफ्ती-ए-शहर शमीम अख्तर सअदी ने बताया कि इस्लाम धर्म में नशा करना जायज नहीं है। शरीयत ने इसे बड़ा गुनाह बताया है। उन्हें लगातार शिकायत मिल रहीं है कि मुस्लिम समाज में कुछ लोग नशा करने लगे हैं। इसके बाद निर्णय लिया कि नशे के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। जो लोग इसके आदी हो गए हैं उनकी काउंसलिंग कराई जाएगी।
इस संबंध में जल्द ही उलेमा समाज के लोगों के साथ एक आमसभा करेंगे। इसके तहत टीम गठित कर नशा करने वालों को चिह्नित किया जाएगा। बता दें कि अब तक सामाजिक संगठन एवं पुलिस नशे के खिलाफ अभियान चलाती थी। पहली बार उलेमा ने इस अभियान की बागडोर संभाली है जिससे अच्छे परिणाम की उम्मीद जताई जा रही है।