डॉ. कुमार ने बताया कि स्नातक स्तर पर करीब 10 हजार फार्म विवि में आते हैं। ऐसे में प्रवेश परीक्षा आयोजित कराना कोरोना संक्रमण काल में बहुत मुश्किल होगा। सभी सदस्य मास्टर्स और पीएचडी के अभ्यर्थियों के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करने को लेकर एकमत रहे। प्रवेश परीक्षा के लिए तिथि बाद भी निर्धारित की जा सकती है। दोनों परीक्षाओं के लिए औसतन करीब ढाई हजार फार्म जमा किए जाते हैं। कुलसचिव ने कहा कि अभी इसको पूरी तरह से फाइनल नहीं मान सकते हैं, क्योंकि अभी पर्याप्त समय उपलब्ध है।
जुलाई में देश की क्या स्थिति रहती है, इसके लिए बाद में विचार किया जा सकता है। कुलसचिव डॉ. कुमार ने कहा कि आगे के बिंदुओं पर मंगलवार को बैठक में विचार किया जाएगा। कुलपति डॉ. तेज प्रताप ने कोरोना काल के दौरान विवि की ओर से हासिल कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने विभिन्न फसलों की नई प्रजातियां देश को समर्पित करने के लिए वैज्ञानिकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने नाहेप की ओर से वित्त पोषित माइक्रोसॉफ्ट ऑनलाइन टीचिंग पोर्टल को भी लांच किया।