फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अस्तित्व में आया ऊधमसिंह नगर विकास प्राधिकरण

Wed, 29 Nov 2017 12:29 AM IST
चंदन बंगारी रुद्रपुर।
विज्ञापन
रुद्रपुर शहर फोटो - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
जिले में ऊधमसिंह नगर विकास प्राधिकरण अस्तित्व में आ गया है। प्राधिकरण के बोर्ड का गठन करने के साथ ही सदस्यों को नामित करने की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। प्राधिकरण में भवन निर्माण एवं विकास उपनिधि विनियम 2011 की नियमावली ही लागू होगी। नियमावली की मंजूरी के लिए जल्द बोर्ड बैठक होने वाली है। शासन ने प्राधिकरण को जरूरत के मुताबिक स्टाफ उपलब्ध नहीं कराया है।
विज्ञापन


बता दें कि जिले में रुद्रपुर विकास प्राधिकरण की अधिसूचना 21 दिसंबर 2016 को जारी हुई थी। इसके साथ ही किच्छा, बाजपुर और काशीपुर विकास प्राधिकरण गठित किया गया। प्राधिकरण क्षेत्र के एसडीएम को संयुक्त सचिव का जिम्मा दिया गया। प्राधिकरणों में नक्शे मंजूर करने के साथ ही आरबी एक्ट के लंबित मामलों की सुनवाई चल रही थी, लेकिन प्राधिकरण की जद में खटीमा, सितारगंज, गदरपुर सहित कई क्षेत्र आने से रह गए थे। यहां निर्माण को लेकर नक्शे मंजूर कराने की अनिवार्यता न होने से विकास नियोजित नहीं हो पा रहा है।

इसी को लेकर ऊधमसिंह नगर विकास प्राधिकरण की जरूरत महसूस की जा रही थी और शासन के निर्देश पर उसका खाका तैयार कर मंजूरी को भेजा गया था। प्राधिकरण के लिए करीब 100 अधिकारी, कर्मचारियों का स्टाफ भी मांगा गया था। बीते 13 नवंबर को शासन ने चारों विकास प्राधिकरण भंग कर ऊधमसिंह नगर विकास प्राधिकरण की अधिसूचना जारी कर दी। इसके बाद सभी प्राधिकरणों में हो रहा कामकाज रोक दिया गया।
विज्ञापन

एडीएम प्रताप शाह ने बताया बोर्ड में चेयरमैन आयुक्त, उपाध्यक्ष डीएम और सचिव उन्हें बनाया गया है। बोर्ड के सदस्यों को नामित करने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही बोर्ड की बैठक बुलाकर नियमावली को मंजूरी दी जाएगी। जल्द ही प्राधिकरण में कामकाज शुरू हो जाएगा। शासन से मांग के अनुरूप स्टाफ उपलब्ध नहीं हो सका है।

फिर लंबित पड़े दो हजार मामले
रुद्रपुर विकास प्राधिकरण के अस्तित्व में आने से पहले विनियमित क्षेत्र में आरबीओ एक्ट के दो हजार मामले लंबित थे। ये वो मामले थे, जिनमें भवन स्वामी ने नियमों को दरकिनार कर निर्माण कराया था। प्राधिकरण के संयुक्त सचिव रोहित मीणा ने बीते अक्तूबर में मामलों की सुनवाई कर संबंधित लोगों को नोटिस भेजकर भवन के नक्शों के साथ तलब किया था। सुनवाई में कई लोग नक्शे लेकर उपस्थित भी हुए। कुछ लोगों ने तो खुद ही प्राधिकरण पहुंचकर मामले के निस्तारण की गुजारिश की, लेकिन जब तक मामले निस्तारित होते, उससे पहले ही प्राधिकरण का अस्तित्व खत्म कर दिया गया। इसके चलते फिर से ये मामले लटक गए। एडीएम नजूल जगदीश कांडपाल ने बताया कि प्राधिकरण में कामकाज शुरू होने के बाद लंबित प्रकरणों का निस्तारण भी होगा।

ग्रामीण क्षेत्रों की कालोनियां भी जद में आएंगी
 ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कालोनियां काटी जा रही हैं। प्राधिकरण के दायरे से बाहर होने की वजह से कालोनाइजर मनमाने ढंग से कालोनियां काटने के साथ ही निर्माण भी करते हैं, लेकिन अब जब पूरा जिला प्राधिकरण की जद में आ गया तो कालोनियों को भी नियोजित ढंग से काटना होगा। कालोनियों का नक्शा भी पास कराना जरूरी होगा।

एसडीएम को संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी देने को मांगी अनुमति
जिले में चार विकास प्राधिकरण में वहां के एसडीएम को संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन ऊधमसिंह नगर विकास प्राधिकरण की अधिसूचना जारी होने के बाद संयुक्त सचिव को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसी स्थिति में लोगों को नक्शा पास कराने के लिए जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ेगी। एडीएम नजूल जगदीश कांडपाल ने बताया शहरी विकास सचिव को प्रस्ताव भेजा जा रहा है कि हर परगना के एसडीएम को संयुक्त सचिव के रूप में कार्य करने की अनुमति दी जाए। इससे नक्शा क्षेत्र के एसडीएम मंजूर कर सकेंगे।

नक्शे नहीं हो रहे मंजूर, लोग परेशान
ऊधमसिंह नगर विकास प्राधिकरण के अस्तित्व में आने से पहले चार विकास प्राधिकरण में नक्शे और अन्य कार्य हो रहे थे, लेकिन नई अधिसूचना जारी होने के बाद प्राधिकरण में यह कार्य बंद हो गए हैं। रुद्रपुर विकास प्राधिकरण में 16 नवंबर से नक्शे पास नहीं हो रहे हैं। अभी प्राधिकरण में सात नक्शे लंबित पड़े हैं। ऐसी स्थिति अन्य प्राधिकरण की है। लोग नक्शे पास कराने के लिए चक्कर लगा रहे हैं। इधर एडीएम प्रताप शाह ने बताया कि डीएम से वार्ता कर सभी क्षेत्रों के जेई को नक्शे के आवेदन लेने को कहा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें