पंतनगर। जीबी पंत कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में वर्ष 2003 के पूर्व से नियोजित 200 से अधिक ठेका कर्मियों को विनियमितीकरण नियमावली-2013 के तहत 70 दिन के अंदर चयन समिति गठित कर विनियमित करना होगा। इस आशय के आदेश हाईकोर्ट में दोबारा सुनवाई के बाद जस्टिस राकेश थपलियाल ने दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि यदि विवि में पद सृजित नहीं हैं, तो शासन से उसकी स्वीकृत लेकर आदेश का पालन करें।
पंतनगर विवि में पहली मई 2003 से ठेका प्रथा लागू की गई थी। इसके बाद लगभग आठ सौ दैनिक वेतन भोगी कर्मियों से भी ठेका प्रथा के तहत कार्य लिया जाने लगा। नवंबर-2013 में नियमावली आते ही तत्कालीन सरकार की ओर से तीन सौ से अधिक ठेका कर्मियों को विनियमित कर दिया। वर्ष 2023 में दो सौ से अधिक ठेका कर्मियों ने ट्रेड यूनियन संयुक्त मोर्चा के दिशा निर्देश में कोर्ट की शरण ली थी। इसमें आठ नवंबर 2023 को हाईकोर्ट ने विवि को आदेश देते हुए कहा था कि वह चयन समिति गठित कर 90 दिन के याचिकाकर्ताओं के दावों का निस्तारण करें। आदेश के तहत विवि प्रशासन ने चयन समिति का गठन तो किया परंतु समिति ने अलग-अलग परीक्षण करते हुए यह कहकर याचिकाकर्ताओं का दावा निरस्त कर दिया कि वह विनियमितीकरण नियमावली-2013 से आच्छादित नहीं होते हैं।
याचिकाकर्ताओं ने फरवरी 2024 में समिति के निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए दोबारा सुनवाई की अपील की। कोर्ट ने स्थगन आदेश जारी करते हुए दोबारा सुनवाई शुरू की। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के पक्ष में फैसला सुनाया।