राधे हरि राजकीय महाविद्यालय में किताबेें खरीद में हुई कथित धांधली का मामला गरमाता जा रहा है। बृहस्पतिवार सुबह महाविद्यालय खुलने से पहले कालिख पुती किताबें बदली जा रहीं थी, इसी बीच छात्रनेताओं ने धावा बोल दिया। इससे सकपकाए कर्मचारी लाइब्रेरी से भाग खड़े हुए। छात्र नेताओं ने पीछा कर एक कर्मचारी को दबोच लिया। उसके बाद छात्र नेताओं ने जमकर हंगामा किया और प्राचार्य को कार्यालय से बाहर निकालकर ताले ठोक दिए। महाविद्यालय को बंद करने पर दूसरा गुट विरोध में उतर आया। पुलिस की मौजूदगी में प्राचार्य ने जांच कमेटी गठित करने का आश्वासन दिया, तब छात्र शांत हुए।
राधेहरि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कॉशनमनी के फंड से लाइब्रेरी के लिए खरीदी गई पुस्तकों में धांधली का आरोप लगाते हुए छात्र पिछले चार दिन से हंगामा कर रहे हैं। छात्रसंघ अध्यक्ष गुरप्रेम सिंह, उपाध्यक्ष मोहम्मद अरशद, पूर्व अध्यक्ष राहुल कांबोज आदि का आरोप है कि पुस्तकों की खरीद में बड़ा घालमेल किया गया है। लाइब्रेरी में भेजी गई किताबों के मूल्य पर कालिख पोतकर मूल कीमत छिपाई गई है। छात्र नेताओं ने दो दिन पहले इस मामले में जांच की मांग को लेकर संयुक्त मजिस्ट्रेट विनीत तोमर से शिकायत भी की थी।
बृहस्पतिवार सुबह छात्र नेताओं को सूचना मिली कि लाइब्रेरी से मूल्य पर कालिख पुती पुस्तकें हटाई जा रही है और उनके स्थान पर नई पुस्तकें रखी जा रही हैं। इस सूचना पर छात्रसंघ अध्यक्ष गुरप्रेम सिंह, उपाध्यक्ष मो. अरशद, पूर्व अध्यक्ष राहुल कांबोज, विक्रम परिहार आदि सुबह आठ बजे कॉलेज पहुंच गए। छात्र नेताओं को वहां देखकर पुस्तकें ठिकाने लगाने में लगे तीनों कर्मचारी सकपका गए। उन्होंने वहां से दौड़ लगा दी। छात्र नेताओं ने पीछाकर एक कर्मचारी को धर दबोचा। उसने बताया कि प्राचार्य के आदेश पर उनके घर से पुस्तकें लाकर लाइब्रेरी में रखी जा रही थीं। इस पर छात्र नेताओं ने वहां हंगामा काटना शुरू कर दिया।
सूचना पर प्राचार्य डॉ. एएस सिराड़ी भी सुबह नौ बजे कार्यालय पहुंच गए। इस प्रकरण को लेकर प्राचार्य की छात्र नेताओं के साथ तीखी नोकझोंक हुई। छात्र नेताओं ने पुस्तकों की खरीद में हुए कथित घालमेल की जांच कराने को लेकर कमेटी गठित करने की मांग की। प्राचार्य के टालमटोल रवैये से क्षुब्ध छात्र नेताओं ने उन्हें कार्यालय से बाहर कर ताला ठोक दिया और वहीं धरने पर बैठ गए। इसी बीच अभाविप नेता नरबजीत सिंह आदि भी कालेज पहुंच गए। उन्होंने महाविद्यालय बंद करने का विरोध किया। इसे लेकर दोनों गुटों के छात्रनेता आपस में भिड़ गए। बवाल की सूचना पर आईटीआई थानाध्यक्ष जसवीर सिंह पुलिस फोर्स के साथ वहां पहुंच गए। उन्होंने बाहरी छात्रों को खदेड़ दिया। दोपहर करीब 12 बजे एसओ की मौजूदगी में हुई वार्ता में प्राचार्य डॉ. सिराड़ी ने छात्रसंघ प्रतिनिधियों की सहमति से जांच कमेटी गठित करने का आश्वासन दिया, जिस पर कॉलेज के प्राचार्य कक्ष का ताला खोल दिया गया। तब मामला शांत हुआ।
जांच समिति गठित करने के आश्वासन के बाद प्राचार्य ने कर दिया इनकार
पुस्तकों की खरीद प्रकरण की जांच को समिति गठित किए जाने के आश्वासन के बाद हुई बैठक में प्रवक्ताओं के नाम तय करने को बैठक हुई। छात्रसंघ अध्यक्ष गुरप्रेम सिंह ने बताया कि जांच समिति के नाम पर सहमति बन चुकी थी। पांच प्रवक्ताओं के नाम तय कर दिए गए, लेकिन इसी बीच प्राचार्य के मोबाइल पर किसी का फोन आया और वह समिति न बनाने की बात कहकर कार्यालय से चले गए।
छात्र नेताओं ने सीओ से मिलकर सौंपी तहरीर
महाविद्यालय में हुए पुस्तक घोटाले के मामले में छात्र नेताओं ने कोतवाली पहुंचकर पुलिस क्षेत्राधिकारी राजेश भट्ट से मुलाकात कर उन्हें तहरीर सौंपी। उन्होंने इस मामले में कार्रवाई की मांग की। सीओ भट्ट ने उन्हें अवगत कराया कि इस प्रकरण में विभागीय जांच से पूर्व पुलिस के स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है। विभागीय जांच में अगर कोई दोषी पाया जाता है तो सक्षम अधिकारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हो सकता है। उन्होंने कहा कि छात्र नेता इस प्रकरण को लेकर कुविवि के कुलपति से मिल सकते हैं।
छात्रनेता जांच कमेटी में कुछ विशेष प्रवक्ताओं को शामिल करने के लिए दबाव बना रहे थे। निष्पक्ष प्रवक्ताओं को शामिल कर जांच कमेटी बनाई जाएगी। सोमवार तक कमेटी गठित कर दी जाएगी।
डॉ. एएस सिराड़ी, प्राचार्य, राधेहरि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय