बाजपुर। राजस्व विभाग ने फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर बनाए गए जाति प्रमाणपत्र को निरस्त कर दिया। शिकायत पर हुई जांच में आरोपी की ओर से लगाए गए साक्ष्य के तौर पर बैंक पासबुक और बिजली बिल किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज मिला। पुलिस ने राजस्व उप निरीक्षक की तहरीर पर दो भाइयों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
राजस्व उपनिरीक्षक दीपक चौहान ने बताया कि गांव बन्नाखेड़ा निवासी सर्वजीत शर्मा की शिकायत पर तहसीलदार अक्षय कुमार भट्ट ने अर्जुन के जाति प्रमाणपत्र की जांच की। अर्जुन ने आवेदन के साथ जो बैंक पासबुक लगाई थी। इसमें लगा फोटो और फूलन शाह निवासी गांव बद्रीपुर के बैंक खाता संख्या 2426 पर लगा फोटो एक ही था। इससे पासबुक संदिग्ध प्रतीत हुई। आरोपी अर्जुन की ओर से मूल दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। अर्जुन का नाम संबंधित बैंक और ऊर्जा निगम के रिकार्ड दर्ज होना नहीं पाया गया। 27 मई 2023 को जाति प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया गया। चौहान ने बताया कि अर्जुन के सगे भाई अजय कुमार ने एप के माध्यम ने फर्जी दस्तावेज को अपने मोबाईल से अपनी सरकार पोर्टल पर साक्ष्य को अपलोड कर जाति प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था। बताया कि उन्होंने चार जून को कोतवाली में तहरीर दी थी। कोतवाल प्रवीण कोश्यारी ने बताया कि मामले की जांच कर आरोपी अर्जुन और उसके भाई अजय कुमार के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 के तहत केस दर्ज कर जांच बन्नाखेड़ा पुलिस चौकी प्रभारी भगवान गिरी गोस्वामी को सौंपी गई है। रविवार को आरोपी अर्जुन और उसके भाई अजय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।