रुद्रपुर। चार दिन पहले पंतनगर में हुई कार लूट का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लूटी गई कार के साथ ही दो बाइकों के अलावा दो तमंचे और कारतूस बरामद किए गए हैं। घटना का मास्टरमाइंड फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। एसएसपी ने टीम को ढाई हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
बृहस्पतिवार को पुलिस कार्यालय में एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने बताया कि 21 जून को महेंद्र प्रताप सिंह निवासी राजेंद्रनगर, आवास विकास, प्रेमनगर (बरेली) ने पंतनगर थाने में दी तहरीर में कहा था कि 20 जून की रात को तीन बदमाशों ने नगला के पास तमंचे के बल पर उसे बंधक बना मारपीट कर, ढाई हजार रुपये के साथ ही उसकी कार (यूपी 25 सीक्यू 7353) लूट ली थी। आरोपी नगला के पास उसे बांधकर सड़क किनारे फेंककर चले गए थे। वह अपने मित्र और पत्नी को बागेश्वर छोड़कर घर लौट रहा था। घटना के खुलासे के लिए एसओजी सहित चार टीमों का गठन किया गया था। टीमों ने सौ सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही यूपी के कई जिलों में छानबीन की थी।
बुधवार रात को मुखबिर ने सूचना दी कि लूटी गई कार को बेचने के लिए चोर रास्ते से बदमाश नानकमत्ता जाने वाले हैं। पुलिस टीम ने पुलभट्टा थाना क्षेत्र के नदेली बॉर्डर की पुलिया से लूटी गई कार और घटना में प्रयुक्त बाइक के साथ अमजद निवासी शेरगढ़ (बरेली) और अबरार खां उर्फ हैदर निवासी फरीदपुर (बरेली) को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 315 बोर का एक-एक तमंचा और चार कारतूस बरामद हुए। घटना का मास्टरमाइंड अनिल कुमार राठौर निवासी सकरस बहेड़ी (बरेली) फरार होने में कामयाब रहा जबकि उसकी बाइक (यूपी 25सीएस 7893) को पुलिस ने कब्जे में ले लिया। बताया कि फरार मुख्य आरोपी अनिल की तलाश की जा रही है। वहां एसपी सिटी ममता बोरा, सीओ आशीष भारद्वाज मौजूद रहे।
ट्रेवल एजेंसी से कार बुक कराने की थी कोशिश
रुद्रपुर। एसएसपी कुंवर ने बताया कि अमजद, अबरार और अनिल बरेली जेल में अलग-अलग मामलों में बंद थे। जेल में ही तीनों की पहचान हुई थी। जेल से छूटने के बाद तीनों ने मिलकर बड़ी वारदात करने की योजना बनाना शुरू किया था। मुख्य आरोपी अनिल ने किच्छा में किराए का मकान लिया था। तीनों ने कमरे में बैठकर वाहन को लूटने और चालक की हत्या करने की योजना बनाई थी। तीनों बाइक से हल्द्वानी मंडी गए थे। उन्होंने बरेली के लिए ट्रेवल एजेंसी से कार बुक कराने की कोशिश की थी लेकिन एजेंसी में आईडी मांगने पर तीनों मकसद में कामयाब नहीं हो सके थे।
सुनसान जगह नहीं मिलने से बच गया महेंद्र
रुद्रपुर। एसएसपी ने बताया कि तीन बदमाशों को हल्द्वानी से किच्छा लौटते समय नगला के पास महेंद्र अपनी कार में सोते हुए मिला था। इसके बाद बदमाशों ने तमंचे के बल पर चालक को बंधक बनाकर मारपीट की। इसके बाद आरोपी हत्या करने के मकसद से महेंद्र को कार में डालकर पुलभट्टा तक ले गए थे। लेकिन आरोपियों को हत्या करने के लिए सुनसान जगह नहीं मिल पाई थी, जिसके वे वापस नगला से इंदिरा कॉलोनी तक गए और महेंद्र को फेंककर फरार हो गए थे। बदमाशों को अगर सुनसान जगह मिलती तो वे महेंद्र की हत्या करने से नहीं चूकते।
दो पुलिसकर्मियों की सतर्कता ने खुलासे में की मदद
रुद्रपुर। कार लूूटने के बाद तीनों आरोपी किच्छा पहुंचे थे। अनिल और अमजद अली कार में सवार थे जबकि अबरार बाइक पर था। रेलवे स्टेशन रोड स्थित अनिल के किराए के कमरे के पास अनिल भी कार में बैठ गया था। इसी बीच गश्त कर रहे दो पुलिसकर्मियों कुलदीप और गिरीश बिष्ट की नजर कार में बैठे दोनों बदमाशों पर पड़ी थी। शक होने पर पुलिसकर्मियों ने दोनों की फोटो के साथ ही आधार कार्ड का फोटो मोबाइल से खींचा था। इसके साथ ही कार की फोटो ले ली थी। सोमवार को जब लूट का खुलासा करने के लिए पुलिस टीमों ने कार्रवाई शुरू की तो कांस्टेबलों ने वाकया बताया था। उनकी फोटो के आधार पर पीड़ित ने कार की पहचान की थी। एसपी सिटी ममता बोरा ने बताया कि कांस्टेबलों की ओर से ली गई फोटो से खुलासे में अहम मदद मिली।
बदमाशों के खिलाफ दर्ज हैं चोरी, धोखाधड़ी और धर्म परिवर्तन के मुकदमे
रुद्रपुर। पुलिस की गिरफ्त में आए बदमाश अबरार, अनिल और अमजद के खिलाफ बरेली में धोखाधड़ी सहित अनेक धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। एसएसपी ने बताया कि अबरार खां के खिलाफ थाना फरीदपुर बरेली में गालीगलौज, धोखाधड़ी के साथ ही यूपी धर्म परिवर्तन अधिनियम का मुकदमा दर्ज है। अमजद के खिलाफ थाना शाही बरेली में चोरी, आर्म्स एक्ट सहित तीन मुकदमे दर्ज हैं। वहीं अनिल के खिलाफ बहेड़ी थाने में धोखाधड़ी, धमकी और चोरी के दो मुकदमे दर्ज हैं।
रुद्रपुर पुलिस कार्यालय से आरोपियों को ले जाती पुलिस।- फोटो : RUDRAPUR