जम्मू में पकड़े गए आतंकियों के संपर्क में कई सालों से थे दोनों
एसएसपी आयुष अग्रवाल ने बताया कि पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि वह दोनों पिछले काफी समय से जम्मू-कश्मीर में पकड़े गए आतंकियों के संपर्क में थे। वह फर्जी कागजात और नंबर प्लेट आदि का धंधा कई वर्षों से कर रहे हैंं। दोनों आरोपी विगत एक साल से रुद्रपुर में यह धंधा चला रहे थे। इसके लिए उन्होंने किराए पर दुकान ली थी। दुकान वह प्रिंटिंग प्रेस के नाम से चलाते थे। इसकी आड़ में फर्जी दस्तावेज, नंबर प्लेट और अन्य कागजात तैयार करते थे।
अन्य आतंकी संगठनों से कनेक्शन तलाश रही एसटीएफ
रुद्रपुर से पकड़े गए दोनों आरोपियों के सीमा पार या जम्मू कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठन से भी तार जुड़े होने की आशंका है। एसटीएफ इसकी जांच में जुट गई है। एसएसपी ने बताया कि आरोपियों की ओर से बनाए गए फर्जी कागजात गैर कानूनी रूप से कहां-कहां इस्तेमाल किए गए हैं इसकी जांच की जा रही है। पता लगाया जा रहा है कि इनका संपर्क सीधे आतंकी माड्यूल से था या किसी के माध्यम से वह आतंकियों को फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराते थे।