रुद्रपुर। जिले में बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों की तस्करी हो रही है। एसओजी टीम ने बरेली बॉर्डर से 205 ग्राम स्मैक के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों ने बरेली से स्मैक लाने की बात स्वीकारी है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।
बुधवार को पुलिस कार्यालय में एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने पत्रकार वार्ता में बताया कि कोविड कर्फ्यू के दौरान मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ एसओजी को कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। मंगलवार रात को एसओजी/एडीटीएफ प्रभारी कमलेश भट्ट की अगुवाई में टीम पुलभट्टा थाना क्षेत्र में बरेली बॉर्डर पर चेकिंग कर रही थी।
इसी बीच बार्डर से ग्राम सुतैया जाने वाले रास्ते में राज्य कर कार्यालय के पीछे दो संदिग्धों को पकड़ा था। आरोपियों ने अपना नाम फिरासत हुसैन निवासी नवाबगंज (बरेली) और राजेश कुमार निवासी हाफिजगंज (बरेली) बताया। तलाशी में फिरासत के कब्जे से 160 ग्राम और राजेश के कब्जे से 45 ग्राम स्मैक बरामद हुई थी।
पूछताछ में आरोपियों ने सज्जाद निवासी नवाबगंज (बरेली) से स्मैक खरीदकर लाने की बात स्वीकारी। आरोपियों ने बताया कि सज्जाद यूपी पुलिस के खिलाफ मुखबिरी भी करता था। स्मैक को किच्छा, सितारगंज, नानकमत्ता, रुद्रपुर, टनकपुर और लोहाघाट में ऊंचे दामों पर बेचते थे। आरोपियों ने स्मैक खरीदने वाले लोगों के बारे में भी जानकारी दी।
एसएसपी ने बताया कि पकड़ी गई स्मैक की कीमत करीब 50 लाख रुपये है। पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है। टीम को एसपी क्राइम ने भी ढाई हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। वहां पर एसपी क्राइम मिथिलेश सिंह, एसपी सिटी ममता बोहरा आदि थे।
मई में पकड़ चुके हैं साढ़े तीन करोड़ की स्मैक
रुद्रपुर। एसएसपी कुंवर ने बताया कि मई में मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया गया है। करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये की स्मैक के साथ अब तक 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
उन्होंने लोगों से नशे का सामान बेचने वालों के बारे में पुलिस को जानकारी देने की अपील की है। कहा कि नशे के संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा। (संवाद)