रामनगर के कोसी बैराज, बड़ी नहर में चल रहे मरम्मत कार्य और बारिश कम होने से तुमड़िया डैम में काफी कम मात्रा में पानी है। यदि यही हाल रहा तो रवि के सीजन में यूपी और उत्तराखंड के किसानों के समक्ष सिंचाई के लिए पानी का संकट गहरा सकता है। दरअसल 20 किलोमीटर लंबे तुमड़िया डैम का निर्माण 1962 में शुरू होकर 1967 में पूरा हुआ था।
डैम के पानी से काशीपुर और जसपुर के साथ ही मुरादाबाद, बिजनौर, रामपुर में करीब 49 हजार हेक्टेयर में सिंचाई होती है। डैम में 847 मीटर गेज पानी भरता है, लेकिन इस बार बारिश कम होने से अभी तक केवल 832 मीटर गेज ही भर सका है। जलाशय में तुमड़िया नाला, ढेला नदी, कोसी बैराज की नहर से पानी भरता है।
कोसी नदी में पानी तो हैं लेकिन रामनगर के कोसी बैराज और तुमड़िया को आने वाली सिंचाई नहर में मरम्मत का काम चलने से डैम में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। डैम में पानी नहीं भरने से किसान अभी से चिंतित हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के माथे पर भी बल आ गया है।
वर्षा नहीं होने और कोसी बैराज में निर्माण कार्य चलने से तुमड़िया डैम का काफी हिस्सा खाली है। जिससे रवि की फसल के लिए पानी का संकट रहेगा। किसान यूनियन ने पानी नहीं होने से फसलों को होने वाले नुकसान का हर्जाना मांगने तक की चेतावनी दी है।
-आरएस आर्य, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग