असामाजिक तत्वों ने एक बार फिर नगर का संप्रदायिक माहौल खराब करने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस और गणमान्य लोगों ने समय रहते स्थिति को संभाल लिया। घटना में एक समाज के लोगों में आपसी मनमुटाव का मामला सामने आया है।
शुक्रवार की सुबह मुहल्ला खालसा स्थित एक मस्जिद में धार्मिक कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान कुछ लोगों ने स्वयं को दूसरे धर्म का बता कर पुलिस को फोन कर कहा कि यहां पर उनके खिलाफ अपमानजनक बातें की जा रही रही है। इस झूठी सूचना पर पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस भेजी गई। खुफिया विभाग और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। तो सब दंग रह गए। मस्जिद में धार्मिक कार्यक्रम चल रहा था। इस दौरान पुलिस और खूफिया विभाग ने फोनकर्ता के बारे में कई घरों में जांच पड़ताल की परंतु मस्जिद के आस-पास रहने वाले दूसरे धर्म के हर व्यक्ति ने फोन करने से साफ इंकार करते हुए उक्त कार्यक्रम से किसी भी तरह की कोई परेशानी या आपत्ति होने से इंकार कर दिया। पुलिस को देख कर भारी भीड़ एकत्रित हो गई।
जिसे पुलिस अधिकारियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए लोगों को शांत कर मामले को रफा दफा कर दिया। अधिकारियो ने जांच में एक ही समुदाय के बीच आपसी मनमुटाव का पाया। उधर, कार्यक्रम आयोजकों ने पुलिस अधिकारियों को कार्यक्रम की सीडी देते हुए फोनकर्ता के नंबर की जांच कर उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। वहीं पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए फोनकर्ता के नंबर को सर्विलांस पर लगा लिया है। और शरारती तत्व की खोज में जुट गई। मौहल्लों में पुलिस तैनात कर दी है। उधर, मुस्लिम समुदाय के कई गणमान्य लोगों ने कोतवाली पहुंच मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।