रुद्रपुर। आलाकमान के हस्तक्षेप के बाद पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, पौड़ी सांसद अनिल बलूनी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक को बृहस्पतिवार को बैकफुट पर आना पड़ा। उन्हें अपना गदरपुर के विधायक अरविंद पांडेय के आवास पर आने कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उत्तराखंड दौरे के बीच में इस तरह के कार्यक्रम तय करने से पूरे दिन सोशल मीडिया में चर्चाओं का बाजार गरम रहा। न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश में भाजपा की खूब किरकिरी हुई। इस पूरे घटनाक्रम से यह सवाल उठने लगा कि राज्य की भाजपा सरकार को पिछले दरवाजे से अस्थिर करने की साजिश कौन कर रहा है, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी का माहौल खराब हो।
प्रदेश भाजपा में एक गुट की ओर से यह रणनीति तब बनाई गई, जब तीन दिन पहले ही पार्टी के नए अध्यक्ष नितिन नवीन ने कार्यभार संभाला है। विधायक अरविंद पांडेय जमीन कब्जाने के आरोप के बीच शक्ति प्रदर्शन से लेकर पार्टी के भीतर गोलबंदी करने में जुटे है। पांडेय उक्त तीनों ही नेताओं को गूलरभोज बुलाकर प्रदेश की भाजपा सरकार को सीधे तौर पर चुनौती देने की तैयारी में थे। सियासी तौर पर संदेश देने की भी कोशिश थी कि राज्य भाजपा में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है। वह भी तब, जब कि अमित शाह देवभूमि के प्रवास पर थे, जिससे राज्य सरकार को पूरी तरह से दबाव में लिया जा सके।
प्रशासन उनकी कब्जे वाली जमीन को खाली कराने को 15 दिन का नोटिस चस्पा कर चुका है। पांडेय की ओर से लगातार बयान जारी किया जा रहा है, जबकि प्रशासनिक तौर पर भी एक्शन जारी है। ध्यान रहे कि बुधवार को पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के निजी सचिव अभय सिंह रावत की ओर से त्रिवेंद्र, बलूनी व कौशिक के विधायक पांडेय के आवास पर आने की सूचना जारी की गई थी, जिसके बाद से ही सियासी तापमान बढ़ गया था।
गूलरभोज आवास पर बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं का जो अपार स्नेह प्राप्त हुआ, उससे अभिभूत हूं। मैंने पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत, अनिल बलूनी और मदन कौशिक को चल रहे कुचक्रों से अवगत कराया। स्थानीय राजनीति के दृष्टिगत ऐसे समय पर यहां आने का कार्यक्रम रद्द करने का निवेदन किया, जिसे तीनों ही नेताओं ने मेरे आग्रह स्वीकार किया। पार्टी हित में यहां न आने का निर्णय लिया। -अरविंद पांडेय, भाजपा विधायक
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वर्जन:::
किसी को कोई दिक्कत है तो अपनी बात को पार्टी फोरम में उचित ढंग से रख सकता। सरकार की छवि खराब करना निंदनीय है। धामी जो काम कर रहे हैं वह पूरे देश में मिसाल बन रही है। पूर्व सीएम खंडूरी सहित कई सीएम के खिलाफ ऐसी साजिश हो चुकी है। आलाकमान को ऐसे लोगों की पहचान करनी चाहिए। -विकास शर्मा, मेयर, रुद्रपुर
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भाजपा अनुशासित परिवार है, लेकिन इस परिवार को अनुशासित कहने वाले और पार्टी को मां कहने वाले उसको जोड़ने के बजाय तोड़ने में लगे हुए हैं। सरकार को कमजोर करने की साजिश की जा रही है लेकिन ऐसे नेता साजिश में सफल नहीं होंगे। ऐसी साजिशों से प्रदेश और पार्टी को पूर्व में नुकसान हो चुका है। - दीपक बाली, मेयर, काशीपुर।