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जमीनों की रजिस्ट्री में तिगुनी गिरावट

Tue, 15 Nov 2016 11:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
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1000 और 500 रुपये के नोट बंद से प्रापर्टी कारोबार पर बड़ी मार पड़ी है। लोग जमीन की सौदे से ही घबरा रहे हैं। एडवांस देकर प्लाट बुक करने वाले कई लोग तो सौदे तक कैसिंल करने की बात कह चुके है। सब रजिस्ट्रार कार्यालय में भी अन्य दिनों के मुकाबले जमीनों की रजिस्ट्री में तीन गुना गिरावट आई है। कारोबार में अचानक आई गिरावट ने कारोबारियों के माथे पर बल ला दिया है। उन्हें दूर तक कारोबार के पटरी में आने की संभावना कम ही नजर आ रही है।  
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काशीपुर में बड़े पैमाने पर प्रापर्टी का कारोबार होता है। बड़ी संख्या में कालोनियां बसने के साथ ही फ्लैट बनाकर बेचने का कारोबार भी फलफूल रहा है। लेकिन बड़े नोटों का चलन बंद होने से प्रापर्टी के कारोबार भी खासा प्रभावित हुआ है। प्रापर्टी के लेनदेन में दिक्कतें आ रही हैं। इतना ही नहीं बड़े नोट बंद होने के बाद लोगों ने जमीन खरीदने से मुंह मोड़ दिया है। 

एकदम जमीनों का कारोबार गिर गया है। बड़े नोट बंद होने से रजिस्ट्री कार्यालय में भी चहल-पहल गायब है। दफ्तर में भी बड़े नोट नहीं लिए जा रहे हैं। आलम यह है कि रोजाना दफ्तर में जमीनों की 35 रजिस्ट्री होती थी, लेकिन बड़े नोट बंद होने के बाद तीन दिनों में ही केवल 35 रजिस्ट्री हुई हैं। एक प्रापर्टी डीलर ने बताया कि लोग प्लाट खरीदना तो दूर उसके नाम से ही घबरा रहे हैं। 
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जिन लोगों ने एडवांस देकर प्लाट बुक करा दिए हैं, उनमें से कई लोग तो बड़े नोट बंद होने के बाद सौदा कैंसिल करने की बात कह रहे हैं। जमीन खरीदने में इसलिए भी दिलचस्पी नहीं ली जा रही है, क्योंकि भुगतान ही नंबर एक में देना होगा। चूंकि 500 और 1000 रुपये के नोट बंद हो चुके हैं, इसलिए कारोबारी बड़े नोट लेने को तैयार नहीं है। जिन लोगों ने भुगतान के लिए रकम पहले से ही निकालकर रखी है, वो भी नोट बंदी से परेशान हैं। 

तीन दिन में केवल 35 रजिस्ट्री
सब रजिस्ट्रार एमएस सिंघल ने बताया कि बड़े नोट बंद होने के बाद तीन दिन खुले कार्यालय में केवल 35 ही जमीनों की रजिस्ट्री और एग्रीमेंट हुए हैं। अन्य दिनों के मुकाबले यह बेहद कम हैं। पहले रोजाना औसतन 35 रजिस्ट्री और एग्रीमेंट होते थे। अचानक रजिस्ट्री की संख्या में आई कमी का कारण बड़े नोट का बंद होना भी हो सकता है।
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