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आईआईएम की सड़क के लिए पेड़ों की बलि नहीं चढ़ेगी

Sat, 08 Jul 2017 11:13 PM IST
कुंदन बिष्ट, काशीपुर
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काशीपुर में पेड़ के चारों और खुदाई करते मजदूर। - फोटो : अमर उजाला
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आईआईएम के लिए फोर लाइन रोड बन रही है। इसके लिए पेड़ों की बलि नहीं चढ़ेगी, बल्कि इन पेड़ों को उखाड़कर जंगलों में लगाया जाएगा। इसके लिए करीब 130 पेड़ों को ट्रांसप्लांट किया जा रहा है। पेड़ों को उखाड़ने के लिए हाइड्रा की मदद ली जा रही है।
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कुंडेश्वरी के एस्कॉर्ट्स फार्म में आईआईएम का निर्माण कार्य चल रहा है। आईआईएम के लिए फोर लाइन सड़क का निर्माण होना है। इस सड़क के दोनों ओर पॉपुलर, अर्जुन, शीशम, ढाक, सागौन के पेड़ लगे हैं। कुछ माह पूर्व वन विभाग ने इन पेड़ों को शिफ्ट करने के लिए टेंडर निकाले थे।

इसके तहत अब इन 130 पेड़ों को निकालने का काम किया जा रहा है। बिहार से आए 20 मजदूरों की टीम इसमें लगी है। इन पेड़ों को जंगल में लगाकर नया जीवन दिया जाएगा। पेड़ निकालने के काम में लगे मजदूर मुन्ना कुमार ने बताया कि उन्होंने आगरा से मथुरा तक बने हाइवे से भी करीब 900 पेड़ उखाड़ कर जंगलों में शिफ्ट किए हैं।
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हल्द्वानी से सितारगंज के लिए सड़क बनने के दौरान भी करीब 1200 पेड़ों को उखाड़कर जंगलों में लगाया गया है। बताया कि कुंडेश्वरी में मार्च से पेड़ उखाड़ने काम शुरू किया गया था। करीब तीन किमी तक सड़क के दोनों ओर से पेड़ उखाड़े जा रहे हैं। एक पेड़ को सही तरीके से निकालने में करीब 15 से 20 हजार रुपये तक का खर्चा आता है। मुन्ना ने बताया कि इस विधि से 100 साल की उम्र वाले पेड़ को भी सुरक्षित रखा जा सकता है।

पेड़ ऐसे शिफ्ट होगा
- पेड़ के चारों ओर करीब पांच से छह मीटर तक खुदाई की जाती है।
- कटी जड़ों पर दवाई का छिड़काव किया जाता है ताकि जड़ें मरें नहीं।
- इसके बाद चारों तरफ से कट्टा सिलाई की जाती है।
- काम पूरा होने से हाइड्रा की मदद से पेड़ उखाड़ लिया जाता है।
- इस पेड़ को जंगल में गड्ढा खोदकर लगा दिया जाता है।

आईआईएम में सड़क चौड़ीकरण का काम हो रहा है, लेकिन इस बार कटवाने की बजाय पेड़ों को सुरक्षित उखाड़ कर दूसरी जगह लगाया जाएगा। इसे ट्री ट्रांसप्लांटिंग विधि कहा जाता है। यह काम नागर ग्रुप से करवाया जा रहा है। इस विधि से पेड़ों को कटने से बचाया जा सकता है। इसमें सफलता मिलने के बाद आगे भी इस तरह की विधि का प्रयोग करने पर विचार किया जाएगा।
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- चंद्रशेखर सनवाल
डीएफओ, तराई पश्चिमी वन प्रभाग रामनगर।
 
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