जी-20 के दौरान एनएच-87 किनारे पुलिस-प्रशासन की ओर से ध्वस्त की गईं 130 दुकानों के बाद व्यापारी विरोध स्वरूप काउंटर और सामान रखकर बैठ गए। व्यापारियों ने कहा कि जब तक जिला प्रशासन की ओर से उन्हें जगह नहीं दी जाती, तब तक वह हाईवे किनारे अस्थायी स्टॉल लगाकर बिक्री करेंगे।
बुधवार को नैनीताल हाईवे किनारे व्यापारी एकत्र हुए। उन्होंने जिला प्रशासन का विरोध करने के लिए दुकानों का सामान रखकर बेचना शुरू कर दिया। व्यापारियों ने जिला प्रशासन के खिलाफ जुलूस निकाला। स्टॉल के पास ही धरने पर बैठे व्यापारियों ने कहा कि स्थानीय नेताओं के वजह से वह छले गए हैं। पूर्व में प्राधिकरण की ओर से व्यापारियों के लिए कॉम्पलेक्स का निर्माण किया जा रहा था, लेआउट तैयार होने के बाद भी जिला प्रशासन ने इस पर कोई एक्शन नहीं लिया।
सात माह से अधिक होने के बावजूद सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। मौके पर प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष संजय जुनेजा व पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल भी पहुंचे। कोतवाल विक्रम राठौर पुलिस बल के साथ हाईवे किनारे धरना स्थल पर पहुंचे। वहां उन्होंने व्यापारियों से अस्थायी अतिक्रमण हटाने का आग्रह किया लेकिन व्यापारी नहीं माने।
व्यापारियों ने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से उनकी लिए कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। जब तक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं निकलेगी वह हाईवे किनारे ही स्टॉल लगाएंगे। इसके बाद कोतवाल लौट गए। वहां हर्ष रावल, राजू जोशी, प्रिंस बंसल, इंद्रजीत, लक्की, इकरार मियां थे।
हाईवे किनारे कपड़े और जूते के लगाए स्टाल
दीपावली पर्व को देखते हुए आक्रोशित व्यापारियों ने हाईवे किनारे कपड़े और जूते के स्टॉल लगाए हैं। इसके साथ ही कुछ व्यापारियों ने सेकेंड हैंड बाइक की दुकानें तक लगा दी हैं। किसी ने स्टॉल में सिर्फ पानी की बोतल ही रखीं है।