गदरपुर। विवादित भूमि पर हो रहे निर्माण को लेकर चल रहे विवाद के मामले में कई व्यापारियों ने थाने में पहुंचकर जमकर हंगामा किया। उन्होंने धरना देकर पालिका प्रशासन पर सुविधा शुल्क मांगने के आरोप में केस दर्ज करने की मांग की। आवेश में आए सभासद ने खुद का गला घोंटने की कोशिश भी की। मामले ने तूल पकड़ा तो आसपास के थानों से फोर्स बुलानी पड़ी। इस दौरान व्यापारियों की पुलिस से नोकझोंक भी हुई। एएसपी की ओर से जांच के लिए चार दिन का समय मांगने पर धरना स्थगित किया गया।
शुक्रवार को विवादित दुकान निर्माण मामले में पीड़ित दुकानदारों के परिजन और व्यापारियों ने थाने में धरना दिया। उन्होंने पंजीकृत बैनामे वाली दुकानों पर निर्माण कार्य की एवज में पालिका प्रशासन पर सुविधा शुल्क मांगने और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करने की मांग की। कहा कि इस संबंध में तीन जून को पुलिस को वार्ड नंबर 10 गदरपुर निवासी चंद्रकांता, कुलवंत नगर निवासी सुमन और वार्ड नंबर आठ गदरपुर निवासी शमीमा परवीन ने तहरीर दी थी। लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
सभासद परमजीत सिंह पम्मा एवं मनोज गुम्बर ने पालिका प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए जांच की मांग की। धरने पर बैठे व्यापारियों के पक्ष में कई संगठनों के प्रतिनिधि भी आ गए। एसओ सतीश सिंह कापड़ी के समझाने पर जब मामला शांत नहीं हुआ तो केलाखेड़ा, दिनेशपुर और बाजपुर से पुलिस फोर्स के अलावा पीएसी के जवानों को बुलाना पड़ा। पुलिस फोर्स ने थाने में मौजूद भीड़ को हल्का बल प्रयोग कर थाना गेट से बाहर खदेड़ दिया।
बाद में एएसपी काशीपुर प्रमोद कुमार, सीओ वंदना वर्मा और तहसीलदार देवेंद्र सिंह बिष्ट ने थाने में व्यापारियों से वार्ता कर उनका पक्ष सुना। एएसपी ने कहा कि मामले की जांच सीओ वंदना वर्मा करेंगी। इसके बाद व्यापारियों ने धरना खत्म कर दिया। इसके बाद सीओ ने विवादित दुकानों का निरीक्षण भी किया। वहां व्यापार मंडल अध्यक्ष दीपक बेहड़, महामंत्री संदीप चावला, कोषाध्यक्ष राहुल अनेजा, युवा व्यापार मंडल अध्यक्ष लवली हुड़िया, एडवोकेट आरपी सिंह, एसपी सिंह, हरीश मुंजाल, रविंद्र बजाज आदि थे।
भूखंड की स्थिति को जानने के लिए तहसील प्रशासन से पत्राचार किया गया था, जिसका जवाब नहीं आने के बावजूद विवादित भूखंड पर निर्माण शुरू करा दिया गया था। शिकायत मिलने पर निर्माण कार्य को रुकवा दिया गया था। सुविधा शुल्क मांगने के आरोप बेबुनियाद हैं। - हरिचरण सिंह, ईओ।
राजस्व विभाग एवं पालिका प्रशासन से संबंधित दुकानों का विवाद चल रहा है। इसके लिए दुकानदारों ने डीएम को भी शिकायती पत्र भेजा था। डीएम ने एसडीएम को जांच कमेटी गठित कर जांच कराने के निर्देश दिए हैं। दुकानदारों की ओर से पालिका प्रशासन पर रुपये मांगने और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है, उसकी जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - वंदना वर्मा, सीओ।