रुद्रपुर/काशीपुर। कोविड कर्फ्यू के चलते दुकानें खोलने की छूट नहीं मिलने के विरोध में व्यापारियों ने ताली-थाली बजाकर मुख्य बाजार में सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। चेतावनी दी कि यदि जल्द ही छूट नहीं मिली तो वह उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उधर, काशीपुर में व्यापारियों ने सीएम को संबोधित ज्ञापन संयुक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा।
बुधवार को प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष संजय जुनेजा की अगुवाई में व्यापारियों ने कोविड कर्फ्यू बढ़ाने के बावजूद कपड़े, फर्नीचर, जूते, मोबाइल सहित अन्य दुकानें खुलने के लिए कोई रियायत नहीं देने पर मुख्य बाजार में जुलूस निकाला। उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी भी की। व्यापारियों ने कहा कि कोविड कर्फ्यू के चलते 43 दिनों से दुकानें बंद हैं। इससे व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
बताया कि दुकानें खोलने की छूट दिए जाने के संबंध में सीएम को संबोधित ज्ञापन विधायक राजकुमार ठुकराल को सौंपा गया था लेकिन अब तक सरकार ने इस दिशा में कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया है। व्यापारियों ने सरकार से दुकानें खोलने के लिए छूट देने की पुरजोर मांग की।
चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द ही व्यापारियों के हित में कोई कदम नहीं उठाएगी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहां प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष संजय जुनेजा, हरीश अरोरा, अनिल रावत, मनीष अग्रवाल, मनोज छाबड़ा, राजू बत्रा, मनोज यादव, अजय तोमर आदि थे।
इधर, काशीपुर में बाजार को चरणबद्ध तरीके से खोले जाने की मांग को लेकर देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने संयुक्त मजिस्ट्रेट के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन देने वालों में प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश नरूला, जिलाध्यक्ष गुरविंदर सिंह चंडोक, सुनील टंडन, आशीष अरोरा, गौरव गुप्ता, विपिन चौहान आदि शामिल रहे।
फर्नीचर और कपड़ों को चूहों ने कुतरा, लाखों का नुकसान
रुद्रपुर। कोविड कर्फ्यू के बीच फर्नीचर और कपड़ा कारोबारियों को लाखों का नुकसान हो गया है। शादी का सीजन होने पर कपड़ा कारोबारियों ने पहले से ही सामान स्टॉक किया था। वहीं, फर्नीचर स्वामियों ने काफी सामान बनवा लिया था लेकिन 43 दिन तक दुकानें बंद होने पर चूहों ने कपड़े और फर्नीचर कुतर दिए हैं। इससे व्यापारियों को दोहरी मार झेलनी पड़ी है। (संवाद)
सरकार को दुकान खोलने की समय सीमा बढ़ानी होगी। इस समय कृषि कार्य होने पर अधिकतर किसान यूपी से यंत्र खरीद रहे हैं। इससे यहां के कृषि कारोबारियों को घाटा हो रहा है। समय सीमा बढ़ने पर किसान रुद्रपुर से भी कृषि यंत्र खरीद सकते हैं। - नरेश ग्रोवर, कृषि यंत्र व्यापारी।
दुकान बंद होने से चूहों ने सारा सामान कुतर दिया है। कर्मचारियों को वेतन भी देना है, बिजली का बिल भी आ गया है। करीब दो लाख रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है। - गगन ग्रोवर, फर्नीचर कारोबारी।
शादी के सीजन के मद्देनजर पहले से ही कपड़ों का स्टॉक कर लिया था। दुकानें बंद होने से चूहों ने कपड़े कुतर दिए हैं। 50 लाख रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है। इसके अलावा कर्मचारियों को वेतन भी देना है। - अमित डाबरा, कपड़ा कारोबारी।
सिडकुल की कंपनियों को औद्योगिक उपकरण सप्लाई करता हूं लेकिन कंपनियों में काम नहीं होने से और दुकानें बंद होने से कारोबार ठप है। अब तक करीब 14 लाख रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है। - विनोद कुमार, उपकरण सप्लायर।
डेढ़ माह से सर्राफा कारोबार पूरी तरह से बंद रहा है। बंदी के बावजूद व्यापारियों को टैक्स, बिजली का बिल और कर्मचारियों को वेतन देना पड़ रहा है। कोरोना के केसों की घटती संख्या को देखते हुए बाजार खोला जाना चाहिए। - राजीव सेतिया, पूर्व नगर अध्यक्ष उद्योग व्यापार मंडल।
मेरी किराना की दुकान डेढ़ माह से लगभग बंद सी ही है। दुकान के साथ मकान भी किराये का है। कोविड कर्फ्यू के दौरान बंदी के चलते दुकान और घर का किराया जुटा पाना मुश्किल हो रहा है। बाजार को चरणबद्ध ढंग से खोला जाए। - राजेंद्र कुमार, किराना व्यापारी, परसादी लाल बाग, काशीपुर।
कोविड में बंदी के कारण त्योहारों केे दौरान भी रेडीमेड की दुकानें खोले जाने की अनुमति नहीं दी गई। इसके चलते रेडीमेड व्यापारी अपनी दुकानों की सफाई तक नहीं कर पाए। जमापूंजी खत्म होने के कारण सभी दुकानदार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। - नईम सिद्दीकी, रेडीमेड व्यापारी, मुख्य बाजार काशीपुर।
बाजार बंद होने का असर जनरल स्टोर के कारोबार पर भी पड़ा है। फिलहाल प्रशासन को ऑड-ईवन के फार्मूले पर ही दुकानें खोलने की छूट देनी चाहिए ताकि 43 दिनों से नुकसान झे रहे व्यापारियों को कुछ तो राहत मिल सके। - राजकुमार सेठी, व्यापारी जनरल मर्चेंट, काशीपुर।