रुद्रपुर। खरीफ सीजन के दौरान यूरिया और डीएपी/एनपीके उर्वरकों की बढ़ती मांग को देखते हुए कृषि विभाग ने जिले में उर्वरक वितरण व्यवस्था पर सख्ती बढ़ा दी है। मुख्य कृषि अधिकारी की ओर से मंगलवार को जारी निर्देशों में सभी उर्वरक विक्रेताओं, सहकारी समितियों और कृषि अधिकारियों को निर्धारित मानकों के अनुसार ही किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं।
मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. विकेश कुमार सिंह यादव ने बताया कि प्रति हेक्टेयर कृषि भूमि के लिए फिलहाल पांच बैग यूरिया और तीन बैग डीएपी/एनपीके उपलब्ध कराए जा सकेंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के सुझाव के अनुसार शेष यूरिया की आवश्यकता दूसरे चरण में 10 से 15 दिन बाद पूरी की जा सकती है। निर्देशों में यह भी कहा गया है कि कोई भी विक्रेता निर्धारित मात्रा से अधिक उर्वरक अपने स्तर से वितरित नहीं करेगा। अतिरिक्त उर्वरक देने के लिए संबंधित क्षेत्र के कृषि व भूमि संरक्षण अधिकारी की अनुमति अनिवार्य होगी। साथ ही किसानों को उर्वरक बिक्री के दौरान आधार कार्ड और खतौनी में दर्ज नाम का मिलान करना भी आवश्यक किया गया है। विभाग ने सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) के उपयोग को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं ताकि डीएपी पर दबाव कम किया जा सके। सभी विक्रेताओं को रोजाना उर्वरक स्टॉक और वितरण की रिपोर्ट मुख्य कृषि अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि शासन और कृषि निदेशालय के निर्देशों के अनुसार वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है।