फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिलेंडर के लिए महिलाएं भूख हड़ताल पर

Tue, 20 Oct 2015 12:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/ सुल्तानपुर पट्टी
विज्ञापन
विज्ञापन
क्षेत्र में रसोई गैस सिलेंडर के लिए लोग बेहद परेशान हैं। यहां चार माह से सिलेंडर की गाड़ी नहीं पहुंची है। उपभोक्ताओं को बाजपुर एजेंसी से गैस सिलेंडर लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। जिसमें अतिरिक्त समय और धन की बर्बादी हो रही है। समस्या इतनी विकराल हो चुकी है कि घर का कामकाज छोड़ महिलाएं सिलेंडर के लिए भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर हैं। सोमवार को तीन महिलाओं ने सिलेंडर के लिए भूख हड़ताल शुरू कर दी। वहीं एसडीएम ने भूख हड़ताल समाप्त करने को हल्का पटवारी को मौके पर वार्ता के लिए भेजा, जो विफल रही।
विज्ञापन


सोमवार को महिला विकास समिति अध्यक्षा लज्जा सैनी के नेतृत्व में दर्जनों महिलाएं एकत्र होकर नगर पंचायत कार्यालय पर पहुंची। इस दौरान एजेंसी प्रबंधक के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन कर लज्जा सैनी के अलावा कृष्णा देवी और शारदा देवी भूख हड़ताल पर बैठ गईं। उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडरों का वितरण पूर्व की भांति हर महीने शुरू होने पर ही भूख हड़ताल खत्म होगी। गैस किल्लत के चलते नगर में ब्लैक में लोग 1000 से 1200 रुपये तक में सिलेंडर खरीदने को मजबूर हैं। महिलाओं ने बताया कि सुल्तानपुर पट्टी क्षेत्र में करीब 750 गैस उपभोक्ता है, जिन्हें बाजपुर गैस एजेंसी के माध्यम से सिलेंडरों का वितरण किया जाता है।

पिछले चार माह से नगर में गैस गाड़ी नही पहुंची। उपभोक्ताओं को जैसे-तैसे सिलेंडरों को बस इत्यादि वाहनों से लेकर बाजपुर गैस एजेंसी पर दिनभर लाइन खड़ा होना पड़ता है। उसके बावजूद भी कई बार गैस सिलेंडर नही मिलता। महिला विकास समिति अध्यक्ष लज्जा सैनी ने कहा कि नगर में गैस वितरण की मांग को लेकर डाक के माध्यम से 16 अक्तूबर को सीएम हरीश रावत, कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य, डीएम डा. पंकज पांडे को पत्र भेजा था।
विज्ञापन


लेकिन कोई सुनवाई नही हुई। इधर, खबर मिलते ही एलआईयू और अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर रिपोर्ट तैयार की और उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। वहीं,  सूचना पर एसडीएम तीरथ पाल सिंह ने महिलाओं की भूख हड़ताल समाप्त करने के लिए वार्ता के लिए हल्का पटवारी नरेंद्र कुमार को मौके पर भेजा। देर शाम तक दोनों पक्षों की बात हुई जो विफल रही। महिलाओं का दो-टूक कहना था कि जब तक सिलेंडर की गाड़ी नहीं आती, हड़ताल जारी रहेगी। प्रदर्शन करने वालों में बीना देवी, राजवती, कमलेश देवी, गायत्री, मिथिलेश, उर्मिला, सरोज, हरप्यारी, ऊषा आदि थीं।
कोट
गैस एजेंसी प्रबंधक के मुताबिक क्षेत्र में जब भी गाड़ी जाती है तो सिलेंडर के लिए छीना-झपटी और लूटपाट तक हो जाती है। ऐसे में वहां पर फिलहाल गाड़ी नहीं भेजी जा रही है। हालांकि मुझे इस संबंध में कभी कोई सूचना नहीं मिली है, यदि ऐसा हुआ भी होगा तो उपभोक्ताओं को सिलेंडर मुहैया कराना ऐजेंसी प्रबंधक की ड्यूटी है। प्रशासन से कहा जाता तो सिलेंडर बांटे जाने को लेकर पुलिस भी उपलब्ध कराई जाती, लेकिन एजेंसी प्रबंधक ने ऐसा कुछ भी नहीं किया। इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए उनके उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा जाएगा।
विज्ञापन

- तीरथ पाल सिंह, एसडीएम, बाजपुर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें