खटीमा। खटीमा के वनों से सटी आबादी में मानव-वन्यजीव संघर्ष अब जानलेवा मोड़ ले चुका है। बुधवार को सुरई रेंज के जंगल में बुजुर्ग महिला गोपली देवी की मौत ने वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आंकड़ों के मुताबिक पिछले महज चार वर्षों के भीतर खटीमा क्षेत्र में बाघ 15 लोगों को अपना निवाला बना चुका है जिससे सीमावर्ती गांवों में दहशत का माहौल है। इनके अलावा बाघों के हमलों में कई लोग घायल हो भी चुके हैं।
मूलरूप से पिथौरागढ निवासी बुजुर्ग महिला गोपली देवी की बाघ के हमले में मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा है। मृतका का एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं। पति का पूर्व में निधन हो चुका है।
भाजयुमो के प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश भट्ट ने शोकसंतप्त परिवार से मुलाकात कर सांत्वना और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक व भाजपा नेता डॉ. नवीन भट्ट, ओबीसी मोर्चा के जिला मंत्री सचिन रस्तोगी, नगर मंडल मंत्री ओमप्रकाश ठाकुर, किशन भंडारी,मोहन कश्यप ने भी पोस्टमार्टम हाउस में पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी।
2022 से 2026 तक बाघ के हमले में हुई मौत
- 22 मई 2022 को सुरई रेंज के शारदा डैम क्षेत्र में बगुलिया निवासी रोहित और उमाशंकर की मौत
- दिसंबर 2022 को न्यूरिया निवासी परितोष की जान गई
- जनवरी 2023 को हल्दीघेरा गांव में केवल सिंह की मौत
- मार्च 2023 को झाऊपरससा निवासी रंजीत और दाह ढाकी निवासी रमेश को अपना शिकार बनाया
- अगस्त 2023 को पीलीभीत निवासी हरनंदन
- अक्तूबर 2023 बग्गा चौवन निवासी भागुली देवी
- दिसंबर 2023 को बग्गा चौवन निवासी तारा सिंह
- जनवरी 2024 को सरपुड़ा निवासी सुभावती
- मई 2024 बूढ़ाबाग निवासी रामरेशर सिंह
- जून 2024 को बूढ़ाबाग निवासी प्रेमचंद
- जून 2025 को बीसलपुर निवासी जितेंद्र सिंह
- 12 जनवरी 2026 को 73 वर्षीय बुजुर्ग शेर सिंह कन्याल बग्गा चौवन गांव में
- 01 मार्च 2026 71 वर्षीय बुजुर्ग गोपली देवी शिकार बनीं
जांच में बाधा : सूखे पत्तों ने छिपाए निशान
वन क्षेत्राधिकारी राजेंद्र सिंह मनराल ने बताया कि घटनास्थल (कंपार्टमेंट संख्या 47) पर पतझड़ के कारण जमीन पर सूखे पत्तों का ढेर लगा है। इस वजह से बाघ के पगचिह्न स्पष्ट रूप से नहीं मिल पाए हैं। सुरक्षा के मद्देनजर बृहस्पतिवार से वन विभाग की टीम क्षेत्र में विशेष गश्त करेगी। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले या अनावश्यक रूप से जंगल की ओर न जाएं।
सुरई वन क्षेत्र में गश्त करेगी वन विभाग की टीम
वन क्षेत्राधिकारी राजेंद्र सिंह मनराल ने बताया कि सुरई वन क्षेत्र के 47 कर्म्पाटमेंट स्थित घटनास्थल के आसपास बृहस्पतिवार को वन विभाग की टीम गश्त करेगी। साथ ही ग्रामीणों से अनावश्यक रूप से वन क्षेत्र में न जाने की अपील की जाएगी।