उप प्रभाग के अंतर्गत किलपुरा रेंज के घने जंगल में हाथी के चार साल के बच्चे को बाघ ने मार डाला। हाथी के बच्चे के पिछले हिस्से का मांस बाघ ने खा लिया था। वन विभाग की टीम ने पोस्टमार्टम के बाद शव को जलाकर नष्ट कर दिया।
बुधवार दोपहर रेंज के फॉरेस्टर शिव सिंह डांगी टीम के साथ पश्चिमी ब्लॉक के प्लाट संख्या 27 में गश्त कर रहे थे। इस बीच टीम को हाथी का बच्चा मृत पड़ा मिला। सूचना पर एसडीओ बाबू लाल, रेंजर केसी कफल्टिया, सुरई रेंजर आरके मौर्य मौके पर पहुंचे। पशु चिकित्साधिकारी संजीव शर्मा और झनकट के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. कोमल सिंह ने मृत नर हाथी के शव का पोस्टमार्टम कराया। सुरई रेंजर मौर्य ने बताया कि शव करीब 7-8 दिन पुराना था।
पिछले हिस्से का कुछ मांस बाघ ने खाया लग रहा था। किलपुरा रेंजर कफल्टिया ने बताया कि रेंज में बाघ द्वारा हाथी के बच्चे को मारने का यह पहला मामला है। बीते दिनों रेंज के अंतर्गत करीब 20-25 हाथियों का झुंड घूम रहा था। रेंज की सीमा शारदा रेंज, खटीमा रेंज, उत्तरी जौलासाल, दक्षिणी जौलासाल रेंज से लगी है। पशु चिकित्सकों ने विसरा जांच के लिए सुरक्षित रखा है। रेंजर कफल्टिया ने बताया कि विसरा जांच के लिए भेजा जा रहा है।