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दादी, बुआ समेत तीन रिश्तेदारों ने रची रोशनी की हत्या की साजिश 

Sun, 31 Mar 2019 12:34 AM IST
अरुण कुमार अमर उजाला ब्यूरो 
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मृतक बच्ची रोशनी की फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala
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आंगनबाड़ी केंद्र से गायब हुई मासूम रोशनी की हत्या के मामले में प्रापर्टी पर हक को लेकर चल रहे विवाद का मामला सामने आया है। हत्या की साजिश में बच्ची की दादी और उसकी बुआ भी शामिल हैं। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए मृतक बच्ची की दादी, उसकी बुआ और बुआ के प्रेमी मुख्य आरोपी यूनुस को गिरफ्तार कर एक किशोर को भी हिरासत में लिया है। यूनुस बच्ची को जंगल में ले गया और किशोर के साथ मिलकर कांच की बोतल से बच्ची पर वार कर हत्या कर दी। किशोर को किशोर न्याय बोर्ड में पेश किया जाएगा। 

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शनिवार शाम को कोतवाली में सीओ कमला बिष्ट ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बीते शुक्रवार को इस्लामनगर वार्ड संख्या 4 निवासी इरफान ने बाजार पुलिस चौकी को सूचना दी थी कि उसकी चार वर्षीय बेटी रोशनी आंगनबाड़ी केंद्र से गायब है और कोई अज्ञात युवक बच्ची को ले गया है। पुलिस ने सर्विलांस की मदद से कंचनपुरी सत्रहमील निवासी यूनुस को हिरासत में लिया और सख्ती से पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर भिलैया के जंगल से बच्ची का शव बरामद कर लिया। मामले में रात में ही एसएसपी और एएसपी ने भी कोतवाली पहुंचकर जानकारी ली। रात में ही पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस की जांच में सामने आया कि मामला पारिवारिक रंजिश का है। 


पूछताछ में यूनुस ने बताया कि मृतका की दादी समसीरन और बुआ खुशनुमा अपहरण और हत्या के षड्यंत्र में शामिल हैं। मृतक बच्ची के पिता इरफान का अपनी मां समसीरन और एक नाबालिग रिश्तेदार के साथ मकान और हक को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। इसे लेकर अकसर कहासुनी होती रहती थी, जिस कारण समसीरन और अन्य परिजन इरफान से रंजिश रखते थे और उसे सबक सिखाने की फिराक में थे। बेटी खुशनुमा के दोस्त यूनुस का इनके घर में आना-जाना था।
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यूनुस बच्ची का मामा बनकर आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचा और बच्ची को अपने साथ टुकटुक पर बैठाकर भलैया के जंगल की ओर ले गया। वहां इरफान का रिश्तेदार एक किशोर पहले से मौजूद था। दोनों बच्ची को जंगल में काफी अंदर ले गए और वहां यूनुस ने कांच की बोतल से उस पर वार कर हत्या कर दी। कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 363, 364, 506, 302 और 120 बी आईपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज की है। शनिवार को समसीरन और खुशनुमा को भी शनिवार को गिरफ्तार किया गया। एक रिश्तेदार किशोर से पूछताछ की जा रही है। 
इनसेट 
सीओ कमला बिष्ट, कोतवाल संजय पाठक, एसएसआई देवेंद्र गौरव, एसआई अनिल उपाध्याय, अनिल कुमार चौहान, प्रीति तोमर, एचसीपी गोविंद सिंह बिष्ट, कांस्टेबल नवीन जोशी, अब्दुल खालिद, रघुनाथ गोस्वामी, उमेश राज, कुंदन सिंह, गोपाल पांडे, हरेंद्र थापा, यशपाल सिंह, मुकेश वर्मा, शहनवाज, इशाक मोहम्मद, नरेश।
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दादी-बुआ ने रिश्ते को कर दिया तार-तार 
वारदात के दो दिन पहले भी सास-बहू के बीच हुआ था झगड़ा 
आरोपी यूनुस टुकटुक से ले गया जहां नाबालिग के साथ कांच की बोतल से की हत्या 
हत्या में प्रयुक्त कांच की बोतल व चप्पल बरामद 
मासूम रोशनी हत्याकांड 
खटीमा। घर के बच्चे दादी और बुआ के काफी करीब माने जाते हैं लेकिन खटीमा में हुई घटना ने इन रिश्तों को ही तार-तार कर दिया। वारदात का खुलासा होने के बाद से क्षेत्र के लोग भी सन्न हैं। यही नहीं पूरी वारदात में बच्ची का करीबी एक किशोर रिश्तेदार भी शामिल है। हर किसी के जेहन में यही सवाल है कि आखिर मासूम ने उनका क्या बिगड़ा था? यह सवाल लोगों के मन में उठ रहे हैं।
पुलिस के अनुसार वार्ड संख्या चार इस्लामनगर निवासी समसीरन पत्नी स्व. सुलेमान के तीन पुत्र और चार बेटियां हैं। इनमें सबसे बड़ा उस्मान, मझला इरफान और एक छोटा बेटा है। बेटियों में अंजुम की शादी हो चुकी है। घर पर तबस्सुम, उसनुमा और सबसे छोटी बेटी खुशनुमा है। सीओ कमला बिष्ट ने बताया कि इरफान पत्नी शहनाज और बच्चों के साथ नई बस्ती से चार पांच साल पहले ही यहां रहने के लिए आया था। उसका घर अपनी मां और अन्य परिजनों के बगल में ही है। तीन-चार साल से मां और परिजनों से उसकी बोलचाल बंद है। 27 मार्च को मुुर्गी चोरी को लेकर दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। मामला कोतवाली पहुंचने पर पुलिस ने 107-16 की कार्रवाई की गई थी। एक पक्ष के इरफान और दूसरे पक्ष के बुआ, दादी आदि को चोट लगी थी। इसके बाद दादी पक्ष के लोगों ने इसका बदला लेने की ठानी। इसमें खुशनुमा के दोस्त कंचनपुरी निवासी यूनुस को भी शामिल किया गया। यूनुस बृहस्पतिवार को रुपये उधार होने का बहाना बनाकर बच्ची की रेकी करने आया। घर में परिजनों ने सभी का उससे परिचय कराया। इसके बाद शुक्रवार सुबह करीब 11.30 बजे वह आंगनबाड़ी केंद्र में मामा बनकर आया और बच्ची को साथ ले गया। वह टुकटुक से भिलैया के जंगल की ओर गया, जहां बच्ची का नाबालिग रिश्तेदार पहले से मौजूद था। दोनों बच्ची को जंगल में अंदर की तरफ ले गए और वहां ले जाकर यूनुस ने बच्ची पर कांच की बोतल से सिर और पेट में वार कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने घटनास्थल से हत्या में प्रयुक्त बोतल और बच्ची की चप्पलें बरामद की हैं। पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची से दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है।
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रात में ही तीन चिकित्सकों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
खटीमा। चार वर्षीय मासूम की हत्या के मामले में शुक्रवार देर रात ही सरकारी अस्पताल में तीन चिकित्सकों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। रात करीब दो बजे पोस्टमार्टम पूरा हुआ। पैनल को लीड कर रहे डॉ. अकलीम अहमद ने बताया कि बिसरा जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेज दिया है। डॉ. अहमद ने बताया कि पैनल में उनके अलावा डॉ. अमित बंसल और डॉ. ममता शामिल रहीं। बच्ची की बाईं आंख गायब है और पेट से आंत बाहर निकली हुई थी। साथ ही दाहिने हाथ में चोट के गहरे दो घाव, गले में दबाने के निशान मिले हैं। 
इनसेट 
इरफान की भांजी रिहाना की नजर पड़ने से हुई त्वरित कार्रवाई
खटीमा। मासूम रोशनी के हत्याकांड के खुलासे में इरफान की भांजी रिहाना की ओर से आरोपी यूनुस को बच्ची को ले जाते देखा जाना अहम सुराग रहा। रिहाना के बताने पर ही पुलिस और परिजन सक्रिय हुए। इसके बाद पुलिस ने सर्विलांस से यूनुस की लोकेशन मिलने पर उसे धर दबोचा और पूरे मामले का खुलासा हो गया। 
इनसेट
एक शादी में यूनुस की परिवार से हुई थी पहचान 
खटीमा। हत्याकांड में शामिल आरोपी यूनुस और नाबालिग किशोर एक बाइक एजेंसी में डेढ़ माह पहले एक साथ काम करते थे। इसी बीच एक शादी समारोह में परिवार के लोगों से यूनुस से पहचान हुई। इसके बाद से ही यूनुस की उक्त परिवार से फोन पर बातचीत हो रही थी। वारदात से दो दिन पहले परिवार के दो पक्षों में हुई मारपीट में उक्त परिवार के लोगों को चोट आई तो वह भी इस षड्यंत्र में शामिल हो गया।  
इनसेट 
बच्ची के हत्यारों को गांव से नहीं निकाला तो होगा आंदोलन 
खटीमा। सत्रहमील पुलिस चौकी क्षेत्र के कई लोगों ने एसडीएम निर्मला बिष्ट को ज्ञापन सौंपकर चार वर्षीय मासूम रोशनी की हत्या के आरोपियों को गांव से बाहर करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है यदि आरोपियों को गांव से नहीं निकाला गया तो ग्रामीण आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन में जिला पंचायत सदस्य रविंद्र सिंह राणा, ग्राम प्रधान सन्नो, रेनू देवी, असलम अंसारी, असगर हुसैन, जियाउल रहमान, महेंद्रपाल, इरफान हुसैन, अनवर अली, आबिद खान, जब्बार अली, हरिओम, साबिर साह, अबरार, मो. इशाक बकील अहमद, दिलशाद अली, साबिर हुसैन, जाफर अली, जितेंद्र सिंह, यशपाल, सतनाम, देवा, गुड्डू अंसारी आदि के हस्ताक्षर हैं। ब्यूरो 
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