108 सेवा के समक्ष आ रहा डीजल का संकट दूर होने के बाद पहिये पहले ही तरह दौड़ने लगेे। मंगलवार की सुबह चालक के बीमार होने से तीन घंटे सेवा बंद रही। रामनगर से दूसरा चालक मंगाने के बाद सेवा सुचारु हो सकी। 20 घंटे में दो डिलीवरी सहित चार केस ही 108 के पास आए।
बजट नहीं मिलने के कारण रविवार की शाम से 108 सेवा ठप हो गई थी। मामले ने तूल पकड़ा तो 108 के अधिकारियों में खलबली मची रही। सोमवार देर शाम वाहन के लिए किसी तरह डीजल की व्यवस्था कराई गई, तब जाकर गाड़ी फिर से दौड़ना शुरू हो गई।
मंगलवार की सुबह 108 के चालक की तबियत खराब होने से तीन घंटे फिर से गाड़ी के पहिये थमे रहे। रामनगर से संजय नाम के चालक को बुलाने के बाद सेवा सुचारु हो पाई।
सोमवार की शाम से अब तक के 20 घंटे में 108 के पास दो डिलीवरी और दो दुर्घटना के केस आए। हालांकि अभी भी बजट का संकट बरकरार है। अगर बजट नहीं मिला तो फिर से पहिये जाम होने जैसी स्थिति आ सकती है।
108 के जिला प्रभारी अमित धारीवाल ने बताया कि फिलहाल डीजल की समस्या दूर कर ली गई। चालक के बीमार होने पर दूसरे चालक के आने तक कुछ समय तक सेवा प्रभावित रही थी।