रुद्रपुर। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गुंजन सिंह की अदालत ने पांच साल पुराने पड़ोसी के घर में घुसकर मारपीट के मामले में तीन लोगों को दोषी करार दिया है। हालांकि अदालत ने परिवीक्षा अधिनियम के तहत एक वर्ष के अच्छे आचरण के बंधपत्र पर रिहा करने का आदेश दिया।
2021 में कोतवाली ट्रांजिट कैंप निवासी वादिनी रेखा देवी ने दी तहरीर में बताया था कि 29 मार्च की रात आठ बजे वह घर पर थीं। पड़ोसी शिव चन्द्र यादव अपने परिजनों के साथ उनके घर में घुस आया और गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध पर आरोपियों ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। घटना में रेखा देवी, उनके पति वीरेंद्र यादव और पुत्र राजकुमार, राहुल और अभिषेक घायल हो गए थे। मामले में पुलिस ने प्राथमिकी कर जांच शुरू की थी।
मामले की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गुंजन सिंह की अदालत में हुई जहां अभियोजन पक्ष ने मेडिकल रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए। अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर मारपीट की घटना को सही मानते हुए तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया। वहीं धारा 504 और 147 के तहत लगाए गए आरोप संदेह से परे साबित न होने पर आरोपियों को इन धाराओं में दोषमुक्त कर दिया गया। अदालत ने उन्हें जेल भेजने के बजाय परिवीक्षा अधिनियम का लाभ देते हुए एक वर्ष के अच्छे आचरण के बंधपत्र पर रिहा करने के भी आदेश दिया है।