रुद्रपुर। जिला पंचायत की बोर्ड बैठकों से लगातार नदारद रहने वाले तीन जिला पंचायत सदस्यों की सदस्यता पर संकट गहरा गया है। सचिव शासन ने जिला पंचायत सदस्य की शिकायत का संज्ञान लेते हुए पंचायती राज निदेशक को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी भी शासन को आख्या भेज चुके हैं। संवाद
एक दिसंबर 2019 को जिला पंचायत का बोर्ड अस्तित्व में आया था। बोर्ड गठन से अब तक हुई किसी भी बैठक में ढकियाकलां की जिला पंचायत सदस्य शामिल नहीं हुई हैं। इसके अलावा नारायणपुर सीट के सदस्य सद्दाम भी लगातार पांच बैठकों में अनुपस्थित रहे हैं। बोर्ड बैठकों से लगातार गैर हाजिर रहने के बावजूद दोनों सदस्यों के क्षेत्रों में करोड़ों रुपयों का बजट आवंटन किया गया है। गुरूग्राम के सदस्य उत्तम आचार्य भी बोर्ड बैठकों में नहीं आ रहे हैं।
खेमपुर की सदस्य ने की शिकायत
गदरपुर के खेमपुर से जिला पंचायत सदस्य सुमन सिंह ने इस मामले सहित कईं बिंदुओं पर शासन में शिकायत की थी। उत्तराखंड पंचायती राज अधिनियम की धारा 138 की संशोधित उपधारा के अनुसार बिना पर्याप्त कारणों से लगातार तीन से अधिक बैठकों में अनुपस्थित रहने पर उसकी सदस्यता खत्म की जाएगी।
शासन ने मामले को गंभीरता से लिया
शासन ने बोर्ड बैठकों से सदस्यों की अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया है। सचिव शासन हरि चंद्र सेमवाल ने निदेशक पंचायती राज को विहित प्राधिकारी के रूप में पंचायती राज अधिनियम के तहत तीनों सदस्यों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए शासन को अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। संवाद