रुद्रपुर। ऊधमसिंह नगर जिले में सरकारी जमीनाें को स्टांप पेपर पर बेचने वाले प्रशासन के रडार पर आ गए हैं। गूलरभोज में हरिपुरा जलाशय की डाउनस्ट्रीम में बसे गांव ठंडा नाला के शातिर असगर अली को फर्जी दस्तावेज बनाकर सरकारी जमीन को खुर्द-बुर्द करने के आरोप में गिरफ्तार करने के बाद अन्य इलाकों में भी ऐसे मामलों की पड़ताल शुरू कर दी गई है।
किच्छा से रुद्रपुर और जसपुर से काशीपुर तक कई और असगर अली हैं जिन्होंने सरकारी जमीनों को खुर्दबुर्द कर स्टांप पेपर में बेचने का बंदरबांट किया है। ऊधमसिंह नगर में प्रशासन 20 एकड़ से अधिक जमीन पर कब्जा ले चुका है और काफी जमीन कब्जे ले लेनी अभी बाकी है। जिला प्रशासन ने किच्छा के सिरौलीकलां में बीते दिनों पांच घरों को ध्वस्त किया था। सैकड़ों परिवारों को नोटिस जारी किए गए हैं।
इसी तरह रुद्रपुर में खेड़ा से आठ एकड़ जमीन कब्जे से मुक्त करा दी है। गूलरभोज के ठंडा नाला में 60 से अधिक परिवारों को घर खाली करने के नोटिस जारी हुए हैं जहां जेसीबी चलाने की तैयारी है। गूलरभोज में रहने वाला आपराधिक प्रवृति का असगर अली जहां लोगों से ठगी करवाता था। वहीं सरकारी जमीन को बेचने का खेल कर रहा था।
सिंचाई विभाग की नींद टूटी तो पुलिस को तहरीर मिली। एसएसपी मणिकांत मिश्रा उसे गिरफ्तार करा चुके हैं। असगर अली ने जिस तरीके से सरकारी जमीन को हथियाकर कब्जा करवाया। उसी तरह का खेल किच्छा, रुद्रपुर, जसपुर, गदरपुर और काशीपुर में भी हुआ।
पुलिस सूत्रों के अनुसार एक व्यक्ति ने जमीन खरीदी और उसी के आड़ पर सरकारी भूमि कब्जाई। इसके बाद बाहरी राज्यों से आए धर्म विशेष के लोगों को स्टांप पेपर में जमीन देकर बसा दिया। प्रशासन की जांच में अभी कई और असगर अली हैं।