खटीमा। नौ मार्च को होने वाली सीबीएसई बोर्ड की कक्षा 12वीं की गणित की परीक्षा के लिए सब्जेक्ट एक्सपर्ट व सीनियर पीजीटी कल्याण सिंह बिष्ट ने बताया कि इस बार गणित का पेपर नए पैटर्न के अनुसार होगा। इसमें कॉम्प्रहेंसिव, कॉन्सेप्ट बेस्ड, एप्लिकेशन बेस्ड प्रश्न होंगे।
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि गणित की अवधारणाओं को अच्छी तरह से समझकर तैयारी करें। पेपर में कैलकुलस, मैट्रिक्स, तीन डाइमेंशनल ज्योमेट्री, वेक्टर और प्रोबेबिलिटी से अधिक प्रश्न आने की संभावना है। सभी सेक्शन्स के प्रश्नों की एनसीईआरटी, सैंपल पेपर और पीवाईक्यू की प्रेक्टिस करें। एप्लिकेशन बेस्ड प्रश्नों में ग्राफ और केस स्टडी की प्रेक्टिस करें।
परीक्षा के समय प्रश्न पत्र को ध्यानपूर्वक पढ़ें और उत्तर लिखते समय एमसीक्यू के अलावा अन्य प्रश्नों में स्टेप-वाइज सॉल्यूशन दें। हर प्रश्न में उपयोग किए फॉर्मूले को भी लिखना जरूरी है। पहले जो प्रश्न आसान लगें, उन्हें हल करें।
बिष्ट ने बताया कि इस बार सीबीएसई के इंटर की उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन ऑनलाइन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) के माध्यम से होना है, इसलिए हर एमसीक्यू को एक स्टेप में, वेरी शॉर्ट आंसवर को 2-3 स्टेप में, शॉर्ट आंसवर को 3-4 स्टेप में और लॉन्ग आंसवर को 5-6 स्टेप में सॉल्व करें।
समय का रखें ध्यान
सीनियर पीजीटी बिष्ट ने बताया कि प्रत्येक एमसीक्यू के लिए दो मिनट, वेरी शॉर्ट आंसवर के लिए तीन मिनट, शॉर्ट आंसवर के लिए 4 मिनट, लॉन्ग आंसवर के लिए 10 मिनट और केस स्टडी के लिए 10 मिनट का समय दें।
अंत में आधा घंटा सभी प्रश्नों के उत्तरों को रिव्यू करें और जो भी गलती हुई हो, उसे सुधार लें। पेपर से पहले रात में छह घंटे की नींद लेना जरूरी है, ताकि परीक्षा में कैलकुलेशन सही तरीके से हो सके।
पेपर शुरू होने के दो घंटे पहले सभी फॉर्मूले रिवाइज कर लेना चाहिए। रफ कार्य जिस पेज या स्पेस में करें, उसके ऊपर रफ लिखकर उसे क्रॉस कर दें। ग्राफ वाले प्रश्नों को वहीं सॉल्व करें, जिस पेज में ग्राफ लगा है, ग्राफ को आंसर शीट से अलग न करें। कॉपी के लेफ्ट साइड में प्रश्न नंबर क्लियर लिखें।