केस नंबर एक-
वर्ष 2005 में नैनीताल में जेल ब्रेक कर दो बदमाश भाग निकले थे। तत्कालीन एसएसपी के निर्देश पर पुलिस टीम बदमाशों को खोलने में जुटी थी। पुलिस ने दोनों बदमाशों का मुक्तेश्वर में एनकाउंटर किया था।
केस नंबर दो-
वर्ष 2006 में बैंक लूट और भीमताल के प्रापर्टी डीलर से रंगदारी मांगने सहित तमाम संगीन आरोपों में शामिल हल्द्वानी के एक बदमाश के पीछे पुलिस लगी थी। खैरना रानीखेत मार्ग पर एनकाउंटर हुआ था और बदमाश मारा गया था।
केस नंबर तीन-
हल्द्वानी के एक पेट्रोल पंप पर वर्ष 2008 में डकैती हुई थी। डकैती में शामिल तीन बदमाश रुद्रपुर में छिपे थे। हल्द्वानी के तत्कालीन और बेहद ईमानदार छवि के इंस्पेक्टर ने टीम के साथ तीनों बदमाशों का एनकाउंटर किया था।
केस नंबर चार-
जनवरी 2009 में झनकईयां थाना क्षेत्र में हत्या के एक आरोपी ने एक युवती को गन प्वाइंट पर ले लिया था। इस पर पुलिस ने उसे घेर लिया था। पुलिस ने सनकी का भीड़ के सामने ही एनकाउंटर कर दिया था। यह एनकाउंटर काफी चर्चित रहा था।
केस नंबर पांच-
वर्ष 2005 में गूलरभोज के बौर जलाशय के पास डकैती के साथ दुष्कर्म करने वाले एक डकैत की पुलिस ने घेराबंदी की थी। पुलिस टीम पर डकैत ने फायर किए थे। इसके बाद पुलिस ने एनकाउंटर में डकैत को मार गिराया था।