दहेज उत्पीड़न की शिकार एक फौजी की पत्नी को न्याय दिलाने में शासन प्रशासन असमर्थ हो रहा है। कई थानों के कोतवाल से लेकर एसएसपी और सेना के अधिकारियों से न्याय की गुहार लगा चुकी पत्नी को कोर्ट से कुछ राहत मिली तो पति ही उसकी जान का दुशमन हो गया। अब महिला जान बचाने की फरियाद लेकर फिर पुलिस की चौखट पर पहुंची है।
ग्राम ध्यानपुर थाना नानकमत्ता निवासी लखविंदर कौर पुत्री जोगेंद्र सिंह के अनुसार उसने तीन साल चले प्रेम प्रसंग के बाद 16 जून 2016 को ग्राम देवीपुर नानकमत्ता निवासी बलविंदर सिंह के साथ शादी की। शादी के चार दिन बाद ही 19 जून को उसके ससुरालियों ने उससे दहेज में एक जायलो कार, दो लाख की नगदी और बीस तोला सोने की मांग कर उसे घर से निकाल दिया।
लखविंदर ने नानकमत्ता पुलिस को मामले से अवगत कराया लेकिन पुलिस ने शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया। इसके बाद उसने खटीमा पुलिस से न्याय की गुहार लगाई लेकिन पुलिस ने उसे समझाकर अपने हाथ झाड़ लिए। एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले के पास पहुंचने पर भी लखविंदर की कोई सुनवाई नहीं हुई तो उसने कोर्ट की शरण ली।
कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए खटीमा पुलिस को लखविंदर के पति, सास, ससुर, ननद, देवर और पति के जीजा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। कोर्ट के आदेश पर खटीमा पुलिस ने सभी के खिलाफ दहेज एक्ट का मुकदमा पंजीकृत कर अपने काम की इतिश्री कर दी।
शनिवार को एसएसपी कार्यालय पहुंची लखविंदर ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद उसका पति दूसरी शादी करने की बात कहकर लगातार उसे जान से मारने की धमकी दे रहा है। और पुलिस मामले में कोताही बरत रही है। लखविंदर ने आर्मी चीफ और महिला आयोग से भी न्याय की गुहार लगाई है।
रुद्रपुर। लखविंदर और बलविंदर सिंह के बीच शादी से पहले तीन साल तक प्रेम प्रसंग चला। इसके बाद दोनों ने हिंदू रीति रिवाज के अनुसार शादी कर ली। लेकिन लखविंदर को नहीं पता था कि तीन साल तक उसे प्रेम करने वाला प्रेमी, पति बनने के बाद उसे दहेज में तोलकर हाथों की मेहंदी छूटने से पहले ही अलग कर देगा।