बंगों पर कार्रवाई को लेकर पीड़ित का पूरा परिवार खाने पीने का सामान और बर्तन लेकर एसडीएम कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गया है। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंच कर पीड़ितों को दबंगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। लेकिन पीड़ित परिवार दबंगों पर मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठा रहा।
ग्राम हजीरों में पट्टे की जमीन कब्जाने के लिए आधा दर्जन दबंगों ने अनुसूचित जाति के लोगों से मारपीट की थी। महिला के कपड़े फाड़ कर दुराचार का प्रयास भी किया था। 2009 में ग्राम हजीरों निवासी बुंदू पुत्र छुट्टन और जसवंत पुत्र सरजीत को सरकार ने पट्टे की जमीन आवंटित की थी।
लेकिन गांव के कुछ दबंगों ने इस पर ऐतराज जताते हुए न्यायालय में वाद दायर कर दिया जो विचाराधीन है। बावजूद इसके गांव के आधा दर्जन दबंग ट्रैक्टर में सवार होकर जमीन पर आ धमके। और कब्जे की नियत से बुंदू और जसवंत के परिवार से मारपीट करने लगे। आरोप है कि दबंगों ने संगीता के सर पर लाठी डंडों से वार किया और बलात्कार की नियत से कपड़े फाड़ दिए।
विरोध करने पर उन्होंने खुशबू, दीक्षा, कांशिका, पिंकी पर ट्रेक्टर चढ़ाने का प्रयास किया। शोर सुनकर आसपास के लोग वहां आ गए, जिससे आरोपी भाग खड़े हुए। पीड़ित ने एसडीएम एचएस मर्तोलिया को मामले की तहरीर सौंपी है। एसडीएम ने पुलिस को जांच के आदेश देकर कर उचित कार्रवाई करने को कहा है।
लेकिन दो दिन बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर पीड़ित परिवार शुक्रवार को एसडीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गया और दबंगों पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग करने लगा। एसएसआई अशोक कुमार ने बताया कि तहरीर आने पर कार्रवाई की जाएगी। पूर्व में भी इन लोगों ने दबंगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। किंतु बाद में फैसला कर लिया था।