महीनों से खराब पड़ा इंडिया मार्का हैंडपंप। संवाद
रुद्रपुर। इस साल पड़ रही प्रचंड गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। सैकड़ों की संख्या में छोटे हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया तो बड़ी संख्या में इंडिया मार्का हैंडपंप में भी पानी की बूंद नहीं टपक रही। वहीं प्रचंड गर्मी में इंडिया मार्का हैंडपंप भी समुचित पानी नहीं उगल पा रहे हैं। जिले में 42 से 44 डिग्री तापमान के बीच लोगों के हलख सूख जा रहे हैं। शहर के सिंह काॅलोनी स्थित गली नंबर तीन में लगा इंडिया मार्का हैंडपंप कई माह से खराब पड़ा हुआ है। लोग घरों में सबमर्सिबल व होने वाली पानी की आपूर्ति से ही लोग किसी तरह काम चला रहे हैं। इस प्रचंड गर्मी में अधिकतर घरों में लगे छोटे हैंडपंप सूख गए। लोगों को पानी पीने के लिए दोबारा सबमर्सिबल पंप की बोरिंग करानी पड़ी। वहीं गल्ला मंडी में भी कई माह से इंडिया मार्का हैंडपंप खराब पड़ा हुआ है। यहां गल्ला की दुकानें लगाने वालों से लेकर मजदूर व खरीदारों तक को शुद्ध पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ता है।
केवल सुबह-शाम दो शिफ्टों में ही हो रही पानी की आपूर्ति
रुद्रपुर। शहरी क्षेत्र में अमृत योजना के तहत पाइपलाइन के जरिए ओवरहेड टैंक से सुबह-शाम दो शिफ्टों में पानी की आपूर्ति की जाती है। लेकिन अगर कोई इस दौरान पानी लेने से चूक गया तो उसे पानी के लिए भटकना पड़ता है। शहर के रंपुरा पुलिस चौकी के पीछे वाले क्षेत्र में दिन में केवल सुबह वह भी मात्र चंद मिनटों के लिए पानी आपूर्ति किया जा रहा है। ऐसे ही हालात कई अन्य क्षेत्रों में भी हैं। संवाद
333 में 136 परियोजनाएं ही हो पाईं पूरी
रुद्रपुर। ऊधमसिंह नगर में केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन के तहत 333 कार्य योजनाएं स्वीकृत हैं। इन परियोजनाओं को मार्च 2024 तक पूर्ण होना था पर आलम यह है कि कुल परियोजनाओं में से मात्र 136 ही पूर्ण हो पाई हैं। जबकि 119 परियोजनाओं में कार्यपूर्णता का प्रतिशत 75 से 99 के बीच है। तो अभी तक 76 कार्य 51 से 75 प्रतिशत व दो कार्य 25 से 50 प्रतिशत प्रगति पर हैं। संवाद
प्रतिदिन आ रही हैंडपंप खराब होने की शिकायतें
रुद्रपुर। जिले में पड़ रही प्रचंड गर्मी में इंडिया मार्का हैंडपंप ही शुद्ध पेयजल का सहारा हैं। इधर ताप बढ़ने से छोटे हैंडपंपों ने पानी देना ही छोड़ दिया। तो इसका असर इंडिया मार्का हैंडपंपों पर भी पड़ा है। जहां ये कम पानी दे रहे वहीं जल्द खराब भी हो जा रहे हैं। जिला पेयजल निगम के पास रोजाना दो से तीन हैंडपंपों की शिकायतें आ रही हैं। संवाद
-
पेयजल निगम में जिला योजना समिति के सदस्यों के ओर से हैंडपंप रिबोर आदि सूचनाएं आती हैं। समिति के पास उपलब्ध बजट के हिसाब से हैंडपंपों का रिबोर कराया जाता है। अनिल कुमार शुक्ला, एई, पेयजल निगम, रुद्रपुर।