रुद्रपुर। औद्योगिक नगरी और आसपास के क्षेत्रों में हर दिन परिवहन विभाग की तीसरी आंख लगभग 300 चालान कर रही है। बावजूद इसके लोग नियम तोड़ने से बाज नहीं आ रहे हैं।
परिवहन विभाग के उप संभाग में सात स्थानों दोराहा, सुतैया (पुलभट्टा), रुद्रपुर चेकपोस्ट, मझोला, दरऊ, दशमेशनगर और सरकड़ा में ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्नाईजेशन (एएनपीआर) कैमरे लगे हैं। इन कैमरों के जरिये बगैर हेलमेट, ओवरस्पीड, दोपहिया वाहन पर तीन सवारी और गलत दिशा में वाहन चलाने के ऑटोमेटिक चालान होते हैं।
वर्ष 2025-26 में एएनपीआर कैमरे से 1,02,391 चालान हुए। बात वर्तमान वित्तीय वर्ष (2026-27) की करें तो अप्रैल और मई दो में ही एएनपीआर कैमरे से 20,140 वाहनों के चालान हो चुके हैं।
-इंसेट:
हेलमेट न पहनने पर सबसे अधिक चालान
दोपहिया वाहन में हेलमेट न पहनने पर सबसे अधिक चालान हो रहे हैं। परिवहन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बीते वित्तीय वर्ष बगैर हेलमेट में एएनपीआर कैमरे से 88,819 चालान हुए। ओवर स्पीड में 5283, दोपहिया पर तीन सवारी बिठाने पर 7698 तो गलत दिशा में वाहन चलाने पर 591 चालान हुए। वर्तमान वित्तीय वर्ष में बगैर हेलमेट में 18338, ओवर स्पीड में 443, दोपहिया पर तीन सवारी बैठाने पर 1348 और गलत दिशा में वाहन चलाने पर 11 चालान हो चुके हैं।
-इंसेट:
कैमरे देखते ही याद आता है हेलमेट
वाहन चालक नियमों का पालन करने के प्रति इतने लापरवाह हैं कि चालान के डर से नियमों का पालन करते हैं। जिन स्थानों पर एएनपीआर कैमरे लगे हैं उस स्थान पर पहुंचते ही दोपहिया सवार सिर पर हेलमेट रखते दिखाई देते हैं। वाहन चालक कैमरे की जद में आने से पहले रफ्तार कम कर देते हैं।
-कोट:
सभी एएनपीआर कैमरे सक्रिय हैं। लोगों को नियमों का पालन करने के लिए लगातार जागरूक किया जाता है। वाहन चालकों को चालान के डर से नहीं खुद का जीवन सुरक्षित रखने के लिए नियम पालन करना चाहिए। -मोहित कोठारी, एआरटीओ प्रशासन रुद्रपुर