पंतनगर विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनवाने सहित 23 सूत्रीय मांग पत्र को मनवाने के लिए पंतनगर विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। उन्होंने कक्षाओं का बहिष्कार किया और कुलपति सहित विवि प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल से विश्वविद्यालय में शिक्षण कार्य पूरी तरह बाधित रहा।
शिक्षक सुबह से ही टोलियों में बंटकर परिसर में घूमते रहे। वे कालेजों के सामने खड़े हो गए। उन्होंने कालेजों में कक्षाएं करने जा रहे विद्यार्थियों को वापस लौटा दिया।
कई अधिष्ठाताओं को भी उनके कार्यालय में नहीं जाने दिया। हड़ताल से कक्षाएं नहीं हुईं। प्रयोगशालाओं में भी काम नहीं हो सका। दोपहर में शिक्षक अलग-अलग समूहों में प्रशासन भवन पहुंचे। वहां उन्होंने सभा कर विवि प्रशासन को जमकर कोसा।
शिक्षक संघ अध्यक्ष डॉ. पीएन सिंह ने कहा कि संघ ने कुलपति को तीन महीने पहले मांगों के संबंध में ज्ञापन दे दिया था। आरोप लगाया कि कुलपति ने शिक्षकों से वार्ता करना मुनासिब नहीं समझा। उन्होंने 15 अगस्त को दिए गए कुलपति के भाषण पर भी आपत्ति जताई। कुलपति को चाहिए कि जिद छोड़कर शिक्षकों से वार्ता करें।
यदि कुलपति ने वार्ता कर समस्याओं का समाधान नहीं खोजा तो आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान उपाध्यक्ष डॉ. अजीत कर्नाटक, वीके सिंह, महामंत्री डॉ.टीपी सिंह, डॉ.विश्वनाथ, डॉ.रोहिताश्व सिंह, डॉ.एसके श्रीवास्तव आदि ने भी विचार व्यक्त किए।