काशीपुर। ईपीआर रजिस्ट्रेशन को गंभीरता से नहीं लेने के पर जिले की 34 प्लास्टिक पैकेजिंग निर्माता कंपनियों पर बंदी की तलवार लटक गई है। बोर्ड इन पर कार्रवाई करने पर विचार कर रहा है।
राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पिछले छह महीने से प्लास्टिक को लेकर गंभीर है। बीते दिनों बोर्ड ने उद्योगों से पर्यावरण की अनापत्ति वापस लेने की मांग पर कड़ा संदेश दिया था कि अब बिना ईपीआर रजिस्ट्रेशन उद्योगों का संचालन नहीं हो सकेगा। इसके बाद भी कुछ उद्योग ईपीआर रजिस्ट्रेशन को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
जिले के 34 प्लास्टिक पैकेजिंग निर्माता कंपनियों ने अभी तक ईपीआर रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। इसकी शर्तों के मुताबिक कंपनियां जितना प्लास्टिक बाजार में भेजेंगी, उसे उन्हें वापस भी लेना होगा। लघु और सूक्ष्म ब्रांड मालिक प्लास्टिक पैकेजिंग बाजार से वापस लेने के लिए उत्तरदायी नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि केवल ब्रांड मालिक के मामले में यह नियम लागू होता है कि लघु और सूक्ष्म किस्म के उद्योग ईपीआर रजिस्ट्रेशन के बिना संचालन कर सकते हैं, लेकिन मध्यम और बड़े उद्योगों को रजिस्ट्रेशन जरूर कराना है। प्लास्टिक पैकेजिंग निर्माता किसी भी उद्योग को ईपीआर रजिस्ट्रेशन से छूट नहीं दी जा सकती है।
-वर्जन
प्लास्टिक पैकेजिंग निर्माताओं को हर हाल में अपना रजिस्ट्रेशन कराना है। ऐसा ना करने वाली फैक्टरियों की सूची बनाई जा रही है। इन पर बंद करने की भी कार्रवाई की जा सकती है।
- नरेश गोस्वामी, क्षेत्रीय अधिकारी पीसीबी
ईपीआर रजिस्ट्रेशन की स्थिति
-कुल अपंजीकृत प्लास्टिक पैकेजिंग निर्माता - 34 -आवेदन कर चुके - 02
-आवेदन प्रक्रिया शुरू कर चुके - 13 -आवेदन ना करने वाले - 19