संडे बाजार को निगम परिसर से हटाने की मांग को लेकर विधायक हरभजन सिंह चीमा, मेयर ऊषा चौधरी पार्षदों संग दुकानदारों के साथ परिसर के दोनों गेटों पर ताला डालकर धरना पर बैठे।
समर्थन में उस क्षेत्र का बाजार बंद रहा। उधर संडे बाजार को निगम परिसर में ही लगाने की मांग को लेकर कई पार्षद, तहबाजारी दुकानदार दक्षिण वाले गेट के बाहर धरने पर बैठे।
मुख्य नगर अधिकारी द्वारा निगम परिसर से संडे बाजार हटाने के प्रस्ताव पर कार्रवाई न करने पर दुकानदारों ने एमएनए के खिलाफ नारेबाजी की। एमएनए पीएस राणा ने दोनों पक्ष से कई बार बात की, जो बेनतीजा रही।
मेयर ऊषा चौधरी ने कहा कि एमएनए निगम बोर्ड द्वारा पारित सर्वसम्मति से प्रस्ताव को लागू नहीं कर रहे हैं। वह दो महीने से टाल-मटोल कर रहे। विधायक चीमा ने कहा कि इससे नगर का सामाजिक सौहार्द बिगड़ रहा है।
देर शाम एमएनए ने मेयर के सामने फिर प्रस्ताव रखा कि बुधवार को संडे बाजार मुख्य बाजार में दुकानों के सामने लगेगा, लेकिन मेयर ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। मेयर ऊषा चौधरी ने कहा कि सोमवार को मेयर कार्यालय के सामने धरना दिया जाएगा।
इनमें प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष राजीव सेतिया, देवभूमि व्यापार मंडल अध्यक्ष आशीष अरोरा बॉबी, पार्षद गुरविंदर चंडोक, राधेश्याम प्रजापति, कविता यादव, सोना सेठी, सर्वेश शर्मा, विपिन शर्मा, मीनाक्षी सिद्धा, रिषभ अग्रवाल, सर्वेश बाली, कविता यादव, शानू चौधरी, राजू सेठी, राजकुमार यादव, रजत सिद्धा आदि थे।
उधर संडे बाजार को लगाने देने की मांग करने वाले तहबाजारी के दुकानदारों ने निगम के दक्षिण गेट के बाहर धरना दिया। एमएनए उनसे बात करने को गए। तब वकील नदीमउद्दीन ने तहबाजारी के दुकानदारों की ओर से पैरवी की।
नदीम उद्दीन ने कहा कि केंद्र सरकार की वेंडर नियम के अनुसार जब तक वेंडर कमेटी नहीं बनेगी किसी को हटाया नहीं जा सकता है।
एमएनए ने दुकानदारों को निगम कार्यालय के पीछे वाली गली में फड़ लगाने को कहा। वहां पर पार्षद अब्दुल कादिर, इसरार अहमद, अब्दुल खालिद, जफर मुन्ना, राशिद फारूखी मौजूद थे।