बीईओ के औचक निरीक्षण में बृहस्पतिवार को ट्रांजिट कैंप क्षेत्र में एक राजकीय प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक के मकान में बगैर मान्यता आठवीं कक्षा तक स्कूल संचालित होता मिला। शिक्षा विभाग ने स्कूल को बंद करने का नोटिस जारी कर दिया है जबकि दूसरे स्कूल में निरीक्षण में दो विषयों की किताबें निजी प्रकाशकों की मिली।
सुबह करीब 11 बजे बीईओ मतादीन गौतम ने टीम के साथ ट्रांजिट कैंप में मछली बाजार के निकट एएस मेमेरियल स्कूल का निरीक्षण किया। कक्षा एक से सातवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों की किताबें चेक करने पर सामाजिक विज्ञान और गणित की किताबें निजी प्रकाशकों की मिलीं। इनकी कीमत क्रमश: 225 और 250 रुपये मिली। स्कूल प्रबंधक उदित ने बीईओ को बताया कि इन दो विषयों की किताबें एनसीईआरटी में उपलब्ध न हो पाने के कारण अभिभावकों की स्वीकृति के बाद लगाई गईं। बीईओ ने निजी प्रकाशकों की किताबों को हटाने के निर्देश दिए। इसके बाद टीम एसएन माइल्स स्टोन स्कूल पहुंची।
पता चला कि स्कूल एक सरकारी शिक्षक के भवन में किराये पर चल रहा है। बीईओ ने जब प्रधानाचार्य हंसराज से मान्यता से संबंधित दस्तावेज मांगे तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। उन्होंने कहा कि स्कूल इसी वर्ष अप्रैल से शुरू किया है और मान्यता के लिए आवेदन किया है। पूछताछ में पता चला कि उक्त विद्यालय बिंदुखेड़ा प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक का है। इस संबंध में बीईओ ने कहा कि बगैर मान्यता संचालित विद्यालय का भवन शिक्षक शिवेंद्र नाथ नंदी का है। उन्होंने मकान किराये पर दिया है या स्वयं उनकी साझेदारी है इसका पता नहीं चल सका है। चूंकि प्रधानाचार्य ने किराये के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी है और राजकीय शिक्षक की पत्नी बतौर प्रबंधक वहां कार्यरत मिली हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक की विद्यालय के संचालन में भूमिका व पार्टनरशिप को लेकर जांच की जा रही है। फिलहाल विद्यालय को बंद करने का नोटिस दिया है।
शिक्षकों को मिल रहा दो हजार रुपये वेतन
रुद्रपुर। एसएन माइल्स स्टोन स्कूल के निरीक्षण में वहां इंटरमीडिएट और स्नातक की पढ़ाई कर रहीं छात्राएं आठवीं तक के बच्चों को पढ़ाते हुए मिलीं। जिन्हें दो हजार रुपये तक वेतन दिया जा रहा था। बीईओ ने विद्यालय में मौजूद अभिभावकों को सलाह देते हुए कहा कि बगैर मान्यता प्राप्त स्कूल में पढ़ाकर अपने बच्चों का भविष्य बर्बाद न करें।
लापरवाही पर बीईओ के खिलाफ होगी कार्रवाई : सीईओ
रुद्रपुर। सीईओ एके सिंह ने कहा कि सभी ब्लॉकों में कार्यरत बीईओ और उप शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में बगैर मान्यता संचालित हो रहे स्कूलों को बंद करवाने के निर्देश दिए चुके हैं। बावजूद इसके यदि बगैर मान्यता स्कूलों पर कार्रवाई नहीं हुई तो बीईओ के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि ट्रांजिट कैंप में का मामला संज्ञान में आया है।
सरकारी आदेशों के तहत शिक्षण कार्य कराने के निर्देश दिए
जसपुर। बृहस्पतिवार को बीईओ आशाराम चौधरी ने जसपुर क्षेत्र के मान्यता प्राप्त विद्यालयों के संचालकों की एक बैठक बीआरसी सभागार में आयोजित की। इसमें एनसीआरटी किताबों पर ही शिक्षण कराए जाने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि निजी किताबें भी एनसीआरटी द्वारा निर्धारित मूल्यों पर ही लागू हों। बीईओ ने आरटीई के तहत मिलने वाले दाखिलों पर भी चर्चा की। बीईओ ने बताया स्कूलों के वाहन चेकिंग अभियान के तहत मानक सही न पाए जाने पर कार्रवाई के लिए जिम्मेदार स्कूल प्रशासन होगा। उधर, बीईओ अनिल कुमार ने भी स्कूलों से मानकों को दुरुस्त रखने को कहा। वहां पर निजी मान्यता प्राप्त विद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष बेदराम सिंह, देवी सिंह, वीर सिंह चौहान, मनोज सिंह चौहान, मीनाक्षी चौहान, वीरेंद्र सिंह चौहान, प्रकाश सिंह यादव, कृष्ण कुमार उर्फ काका आदि मौजूद थे।
बगैर मान्यता के चल रहा था भगवती कान्वेंट स्कूल
काशीपुर। शिक्षा विभाग की टीम बृहस्पतिवार सुबह 8 बजे जोशी मझरा स्थित इकरा पब्लिक स्कूल पहुंची। यहां पर प्रत्येक कक्ष में दो कक्षाएं संचालित होना, अप्रशिक्षित शिक्षक, बढ़ी तादाद में निजी प्रकाशकों की अधिक मूल्य की किताबें बच्चों के बैग में मिली। प्रधानाचार्य कविता भारती से जब दो कक्षाओं को एक ही कमरे संचालित करने की वजह पूछी तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाईं। इस दौरान टीम को प्रलोभन देने का आरोप भी सामने आया है। जिसको टीम ने सख्ती से नकार दिया।
इसके बाद टीम दढ़ियाल रोड स्थित भगवती कान्वेंट पहुंची। प्रधानाचार्या प्रेरणा सिंह अनुपस्थित मिली। विद्यालय के बाबू ने दस्तावेज चेक कराए, एनसीईआरटी की कोई भी पुस्तक नहीं मिली। छात्रों से पूछने पर कॉपी और किताबें स्कूल में स्टोर रूम होने की बात कही गई। जब स्टोर रूम को खुलवया गया तो उसमें बड़ी तादाद में निजी प्रकाशकों की पुस्तकें मिली। जिसकी टीम ने वीडियो बना ली। विद्यालय में आरटीई के तहत कक्षा छह में पढ़ने वाले एक बच्चे से प्रधानाचार्य पुस्तकें खरीदने के लिए दबाव बना रही थी। दिलचस्प बात यह रही कि 31 मार्च 2019 को उक्त विद्यालय की मान्यता भी खत्म हो चुकी है। कक्षा 8 की मान्यता होने के बावजूद कक्षा 9 और 10 भी संचालित होता मिला। वेतन पंजिका पर एडवांस में हस्ताक्षर किए हुए मिले। इसके बाद टीम सीआरसी नगर के मोहल्ला क़ानूगोयान स्थित भारत पब्लिक जूनियर हाईस्कूल पहुंची। यहां पर भी कई अनियमितताएं देखने को मिली। इस स्कूल के एक अभिभावक ने लगातार शुल्क में वृद्धि की शिकायत की थी जिसके जवाब में प्रधानाचार्य ने बताया कि उन्होंने अपने स्कूल में बच्चों के लिए सुविधाएं बढ़ाई हैं। जिसका शुल्क लिया जा रहा है। बीईओ ने जब स्कूल प्रबंधन कमेटी का शुल्क वृद्धि का प्रस्ताव मांगा तो प्रधानाचार्य बगलें झांकने लगीं। नर्सरी की कक्षाएं प्रत्येक विद्यालय में नियम विरुद्ध बगैर मान्यता के संचालित मिली। टीम में प्रभारी उप शिक्षा अधिकारी राजीव लोचन, समन्वयक युद्धवीर सिंह मौजूद रहे। इधर, बीईओ आरएस नेगी ने बताया कि तीनों विद्यालयों में भारी अनियमितताएं मिली हैं। 10 मई तक सभी को मानकों पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।